संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला प्रशासन फसल अवशेष व पराली जलाने के मामले में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। हरसेक पर आगजनी की लोकेशन मिलने पर जहां जिला प्रशासन की ओर से संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, वहीं किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
डीसी प्रीति ने किसानों से आह्वान किया कि वे फसल अवशेष नहीं जलाएं, बल्कि इसका प्रबंधन करके प्रति एकड़ 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में पाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्र में रहकर आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाए। इसके साथ-साथ ग्राम स्तर की टीमें किसानों को जागरूक अभियान में और तेजी लाएं।
किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ व पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से प्रकृति, जमीन व मानव जीवन पर अत्यंत गंभीर व प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हंै, जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ-साथ प्राकृतिक प्रदूषण की वजह से मनुष्य भी अनेक जानलेवा बीमारियों का शिकार होता है। उन्होंने किसान किसी भी सूरत में किसान पराली न जलाएं बल्कि अवशेष प्रबंधन कर जमीन की उर्वरा शक्ति को बचाए रखें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है।