कैथल। जींद में चल रहे सत्संग में कैथल डिपो की 50 से अधिक निजी बसें चली गईं। इससे कई रूटों पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ लग गई। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की बसों ने व्यवस्था संभाली। जिन रूटों पर निजी बसों का नंबर होता था, वहां रोडवेज बसों का समय बढ़ाया गया और यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया गया। जहां 20 मिनट में बस चलती थी, वहां से बस 40 मिनट में चलाई गई ताकि यात्री गंतव्य तक पहुंच सकें। यात्री मुकेश, दीपक, कमला, रामकुमार ने कहा कि निजी बसें न होने से कारण उन्हें रोडवेज बसों का इंतजार करना पड़ा। बसों की कमी से रोडवेज में भीड़ अधिक हो गई है। ऊपर से गर्मी अधिक होने से लोगों को भी भारी परेशानी हो रही है। रोडवेज के टीएम रोहताश ने कहा कि जो निजी बसें नहीं चल रही थीं, उनकी रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
एक ओर जहां निजी बसें न होने के कारण यात्रियों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं रोडवेज की आमदनी में भी बढ़ोतरी हुई। रविवार को और दिन के बजाय दोगुने यात्रियों ने यात्रा की। बस अड्डे पर नाममात्र की ही निजी बसें थीं। जो नंबर निजी बसों का होता था, वहां पर रोडवेज की बसों को ही लगाया गया था। जहां पर दो रोडवेज की बसें जाती थीं, उनका समय एक करके एक ही बस से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया गया। इसलिए बसों के दोगुने यात्रियों ने यात्रा की।