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देवीगढ़ गांव में सर्वसम्मति से सरपंच संग पूरी पंचायत तय

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13-कैथल। गांव देवीगढ़ में सर्वसम्मति से चुनी गई एसएसी जाति की महिला सरपंच भतेरी देवी को बधाई देकर व - फोटो : Kaithal
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कैथल। देवीगढ़ गांव में सर्वसम्मति से सरपंच के साथ पूरी पंचायत तय हो गई है। इससे पहले सरपंच पद के लिए दो परिवार तैयारी में जुटे थे। इस पर गांव के मौजिज लोगों ने सर्वसम्मति की अपनी परंपरा को बनाए रखने के लिए दोनों परिवारों को शनिवार तक सर्वसम्मति करने के लिए कहा था। शनिवार को गांव के कालीमाता मंदिर में हुई पंचायत में एक परिवार ने अपना नाम वापस लेने की घोषणा की। इसके बाद पूरे गांव ने सर्वसम्मति से दूसरे परिवार से सरपंच बनाने का फैसला ले लिया।
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गौरतलब है कि देवीगढ़ गांव में लगातार तीसरी बार तो अब तक कुल छह बार गांव वासी सर्वसम्मति से सरपंच चुन चुके हैं। इस बार भी न केवल सरपंच बल्कि पूरी पंचायत का सर्वसम्मति से चुनाव कर लिया गया है। गांव के प्राचीन काली माता मंदिर में शनिवार को हुई लोगों की पंचायत में सरपंच पद के दावेदारों के साथ सभी वार्डों के पंच पद के संभावित उम्मीदवारों को बुलाया गया। यहां पर सभी ग्राम वासियों ने अपने-अपने विचार रखे और सर्वसम्मति से सभी वार्डों के पंच और सरपंच चुने गए। इस अवसर पर रामदिया पूनिया, महावीर सिंह, राजकुमार, चरण सिंह, बसाऊ राम, बलकार, श्याम लाल, जयदेव संधू, भतेरी देवी, ऋतु, चरणो देवी व सुनीता देवी मौजूद रही।
ये बन चुके हैं गांव के सरपंच
ग्रामीण रामदिया पूनिया, महाबीर सिंह, राजकुमार, चरण सिंह, बसाऊ राम बलकार और श्यामलाल ने बताया कि लगभग 125 वर्ष पूर्व उनका गांव देवीगढ़ बसा था। इस गांव में 1977 से आज तक लगातार पांच सरपंच सर्वसम्मति से चुने गए हैं। 1977 और 1982 तक सर्वसम्मति से पहली बार लाल सिंह शास्त्री को चुना गया। 1982 में शास्त्री ने चुनाव लड़ा और एक बार फिर सरपंच बने। इसके बाद 1987 में बसाऊ राम सर्वसम्मति से सरपंच बने। इन्होंने ने भी 1992 में चुना लड़ा और दूसरे प्लान में भी सरपंच बने। फिर 1997 में सर्वसम्मति से कमला देवी सरपंच बनीं। इसके बाद वर्ष 2002 में रामकिशन चुनाव लड़कर सरपंच बने। 2007 में जसवीर सिंह चुनाव जीतकर सरपंच बने। इसके बाद वर्ष 2011 में शमशेर सिंह को सर्वसम्मति से और 2016 में गुलाब सिंह को सर्वसम्मति से सरपंच बनाया गया।
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ये है गांव का इतिहास
गांव देवगढ़ में प्राचीन काली देवी मंदिर और नवदुर्गा प्राचीन तीर्थ है, जो सैकड़ों वर्ष पुराना है। देवीगढ़ गांव में 1970 से आज तक लगभग 45 वर्षों से सर्वसम्मति से चुने जाने वाले सरपंच की प्रथा चली आ रही है। सभी ग्राम वासियों ने सर्वसम्मति से चली आ रही इस परंपरा का स्वागत किया। गांव के पूर्व सरपंच गुलाब सिंह ने बताया कि गांव की आबादी 1190 के लगभग है। गांव में 810 वोट हैं। इसमें 426 पुरुष और 376 महिलाएं शामिल हैं।
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