कैथल। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने मुख्यमंत्री की ओर से दो जुलाई को ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए की गई एक हजार रुपये मानदेय बढ़ोतरी को नाकाफी बताया है।
प्रेस ब्यान जारी करते हुए यूनियन के राज्य महासचिव विनोद कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बसाऊ राम व राज्य सचिव बीरभान जाखौली और जिला प्रधान अजय पबनावा ने संयुक्त रूप से कहा कि मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारी पोर्टल बनाने की घोषणा करते हुए इसी पोर्टल के माध्यम से 13 हजार रुपये मासिक मानदेय पर नए सफाई कर्मियों की नियुक्ति की घोषणा की है।
नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कर्मचारी विरोधी निर्णय है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार के कदम से नई व्यवस्था सफाई कर्मियों में गैर बराबरी और भेदभाव पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मामूली सी वेतन बढ़ोतरी की घोषणा करके यह साफ कर दिया है कि पिछले 17 साल से निरंतर काम करने वाले ये ये सफाई कर्मी पक्के नहीं होंगे। भाजपा सरकार इन सफाई कर्मियों को हमेशा कच्चे कर्मचारी रखकर और कम वेतन भुगतान करके 17 साल के शोषण जारी रखना चाहती है।
कहा कि 29 नवंबर को विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ शहरी कच्चे सफाई कर्मियों के बराबर वेतन देने, वेतन में सालाना तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी करने और रिटायर होने पर दो लाख रुपये एक मुश्त सहायता देने की बनी सहमति को भी भी सरकार ने लागू नहीं किया। 10-11 जुलाई को प्रदेश भर में जिला स्तरीय प्रदर्शन का एलान कर कहा कि सात जुलाई को रोहतक में आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। संवाद