जिले की कई रिहायशी कॉलोनियों के ऊपर गुजरने वाले बिजली के तारों से आखिरकार लोगों को छुटकारा मिलने जा रहा है। सालों से घरों की छत के ऊपर से गुजर रहे हाईवोल्टेज तारों के कारण लोग छत पर जाने से भी डरते थे। इतना ही नहीं कैथल शहर में तीन हादसों में दो पत्रकारों सहित चार नौजवानों की इन तारों से उतरे करंट से मौत हो चुकी है। अमर उजाला द्वारा भी यह मुद्दा उठाया गया। लोगों की आवाज बिजली निगम तक पहुंचाई गई। लंबे समय से अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत थे। अब विभाग ने न केवल तारों को बदलने की मंजूरी दी, बल्कि 1 करोड़ 77 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया। अब इन तारों को बदला जा रहा है।
जिले के तीनों ब्लॉकों में 200 से अधिक हाईवोल्टेज तारों के खतरनाक प्वाइंट थे, जहां पर हर समय करंट लगने का भय बना रहता था। रिहायशी कॉलोनियां व दुकानों के सामने सबसे ज्यादा तारों का जाल बना हुआ था। इससे हादसों की संख्या बढ़ रही थी। हादसों को रोकने के लिए लोग इन तारों को घर से दूर व प्लास्टिक कोटेड तारों में बदलने की मांग कर रहे थे। उसके बाद बिजली निगम ने सर्वे करवाकर खतरनाक प्वाइंट्स को चिह्नित किया। निगम ने मुख्यालय ने इसका सर्वे करवाकर इसे हटाने का काम किया। फरवरी व मार्च के महीने में इन्हें हटाने का वर्क आर्डर जारी हुआ था।
कैथल शहर में करनाल रोड, हुडा सेक्टर, कुरुक्षेत्र रोड, जनकपुरी कालोनी, बलराज नगर, कलायत में नेशनल हाईवे, मुख्य बाजार, गुहला चीका में कैथल रोड, पटियाला रोड, पिहोवा रोड व मुख्य बाजारों में बिजली की तारों को बदला व हटाया जा रहा है।
पिछले चार वर्षों में शहर में हाईवोल्टेज तारों से 12 से अधिक करंट लगने की घटना हो चुकी है। इन घटनाओं में दो पत्रकारों सहित चार नौजवान जान से हाथ धो बैठे। 2018 में दो युवा पत्रकारों की करंट लगने से मौत हो गई थी। यह घटना करनाल रोड पर महाराजा सूरजमल जाट स्टेडियम के पास हुई थी। ये दोनों युवक कार्यालय बदलते समय दीवार पर बैनर लगा रहे थे। बैनर लोहे का होने के कारण हाईवोल्टेज तारों को छू गया। जिससे दोनों युवक बुरी तरह झुलस गए थे और इलाज के दौरान चंडीगढ़ पीजीआई में मौत हो गई थी।
दूसरा मामला जिला नागरिक अस्पताल के सामने जनक पुरी कॉलोनी में सामने आया था। दो वर्ष पहले दुकान पर सामान बदलते समय यह घटना हुई थी। युवक कूलर का स्टैंड लेकर छत पर जा रहा था। हाईवोल्टेज तारों में स्टैंड सहित युवक को चपेट में ले लिया था। मरने के बाद युवक का शव भी तारों पर लटक गया था। जिसे बाद में पुलिस कर्मियों ने नीचे उतारा था।
करीब तीन वर्ष पहले भी सुभाष नगर में ऐसी ही घटना सामने आई थी, जिसमें हाईवोल्टेज तारों की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। यह व्यक्ति नहाने के बाद मकान पर बने कमरे में जा रहा था, नजदीक से गुजरते समय बिजली की तारों ने अपनी ओर खीच लिया था। उसकी मौत हो गई थी।
इसके इलावा भी अन्य कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से एक बड़ा मामला बीते वर्ष सामने आया था, जब बरसात के मौसम में हाईवोल्टेज तारों के कारण जनक पुरी कॉलोनी के कई मकानों में करंट आ गया था। इससे कई लोगों को करंट के झटके भी लगे थे।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसई बीएस रंगा ने बताया कि लोगों ने घरों के आस-पास हाईवोल्टेज के तार निकलने पर खतरा होने की शिकायत दी थी। इन्हें बदलने की भी मांग की थी। निगम द्वारा 119 लाइनों को बदला है। कैथल में 37 लाइनों पर 98.67 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पूंडरी ब्लॉक में 9 लाइनों पर 13.98 लाख रुपये व गुहला में 73 लाइनों पर 65 लाख रुपये खर्च करके हाईवोल्टेज तारों की जगह प्लास्टिक के कवर वाली तारें लगाई जा रही हैं।