कलायत। कैलरम गांव में लाखों रुपए की लागत से बना हर्बल पार्क देखरेख के अभाव में बर्बाद हो रहा है। वर्ष 2017-18 में पंचायत की ओर से दी गई पांच एकड़ जमीन पर 24 लाख रुपए की लागत से यह पार्क बनाया गया था। अब यहां औषधीय पौधों की जगह कंटीली झाडिय़ां उग आई हैं।
सुरक्षा के लिए लगाई गई बाड़ की तार कई जगह से टूट चुकी है। आवारा पशु पार्क में घूमते रहते हैं। लाइट और पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण अजय कुमार, कुलदीप कुंडू , रामदिया कुंडू, सुखदेव, जिले सिंह आदि ने बताया कि निर्माण के समय यहां कई औषधीय पौधे लगाए गए थे लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण ये पौधे खत्म हो गए हैं।
अब यह पार्क नशेडिय़ों का सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त प्रीति और संबंधित विभाग के अधिकारियों से पार्क की स्थिति सुधारने की मांग की है। ईश्वर कुंडू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस हर्बल पार्क की सौगात दी थी। पंचायत ने इसके लिए पांच एकड़ जमीन दी थी। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इससे उन्हें स्वच्छ वातावरण और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। लेकिन अब पार्क की हालत दयनीय हो चुकी है। अगर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो इसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
वर्जन अधिकारी
वन अधिकारी सज्जन कुमार ने बताया कि वन विभाग की तरफ से 6-7 साल पहले हर्बल पार्क का निर्माण करवा कर स्थानीय पंचायत को सौंप दिया गया था अब पार्क देखरेख की सारी जिम्मेवारी स्थानीय पंचायत की है।
ग्राम सरपंच का वर्जन
सरपंच सीता देवी ने बताया कि हर्बल पार्क की देखरेख व सौंदर्य करण के कार्य हेतु फिलहाल पंचायत के पास बजट कम है। बजट के लिए प्रस्ताव डालकर उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।
22केएलटी49: हर्बल पार्क में सूख रहे औषधीय पौधे व उगी कटीली झाड़ियां