बिजली निगम अब 90 प्रतिशत से अधिक राशि का ऑनलाइन बिजली बिल भरने वाली पंचायतों को विकास कार्य के लिए दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित करेगा। बिजली निगम की ओर से ग्रामीणों में डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए बिजली निगम की तरफ से प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। इससे अब लोगों को बिजली के बिल भरने के लिए लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। इससे उपभोक्ताओं के समय की बचत होगी और कैशबैक भी मिलेगा।
जानकारी के अनुसार पहले अभी करीब 20 प्रतिशत उपभोक्ता ही ऑनलाइन बिजली के बिल भर रहे हैं। उनकी संख्या बढ़ाने के लिए निगम ने कैशबैक की सुविधा देनी शुरू की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ता बिजली के बिल ऑनलाइन भरें। ये कैशबैक गूगल पे, फोन पे, पेटीएम व यूपीआई से अलग रहेगा। जो सीधा बिजली बिल भरने वाले उपभोक्ता के खाते नंबर में जाएगा।
ये होगा फायदा
जब भी कोई उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्र में पहली बार ऑनलाइन भुगतान करेगा, तो डिजिटल भुगतान करने पर उसे 20 रुपये का कैशबैक और दूसरी बार दो हजार का बिल भरने पर एक से 10 रुपये तक का भुगतान मिलेगा। यदि उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्र में लगातार छह बिलों के लिए ऑनलाइन भुगतान करता है, तो उसे 50 रुपये का कैशबैक मिलेगा। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से 6 बिलों का भुगतान करना होगा। योजना के तहत गांव जहां 90 प्रतिशत से अधिक बिजली बिल ऑनलाइन माध्यम से भरे गए हैं, वहां पर निगम गांव के विकास कार्यों के लिए दो लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देगा। निगम के आंकड़ों के अनुसार जिले में 12 उपमंडल में कुल तीन लाख 29 हजार 866 कनेक्शन हैं। इसमें से दो लाख 40 हजार कनेक्शन घरेलू हैं। जबकि करीब 90 हजार गैर घरेलू कनेक्शन हैं।
यहां मिलेगा पहले फायदा
पहले चरण में निगम 500 से अधिक कनेक्शन वाले गांवों की सूची तैयार करेगा। इसके तहत नवंबर 2021 के ऑनलाइन भुगतान प्रतिशत की जांच की जाएगी। इसके लिए एमआरबीडी एजेंसियों के साथ एक टीम बनाई गई है। जो हर गांव का दौरा कर ग्रामीण उपभोक्ताओं को ऑनलाइन माध्यम के भुगतान के फायदे बताएगी। दूसरे चरण में 200 से 500 के बीच कनेक्शन वाले गांवों का चयन किया जाएगा। जहां पर मार्च के बाद काम शुरू होगा।
निगम की तरफ से प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। ऑनलाइन बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को कैशबैक दिया जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा देने के मकसद से योजना का संचालन किया गया है। हर गांव का बिजली उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यम से बिजली का बिल भरें। 500 से अधिक कनेक्शन वाले गांवों में पहले ये योजना शुरू की गई है। -प्रदीप गोयत, एक्सईन, बिजली निगम कैथल।