कैथल। जिले में मानसून दस्तक दे चुका है। कलायत और राजौंद क्षेत्र में दो बार अच्छी बारिश भी हो चुकी है। हालांकि कैथल में अभी मानसून के अनुसार बारिश नहीं हो पाई है परंतु आधी जुलई बीतने के बावजूद अब तक शहरी क्षेत्र से गुजर रही ड्रेनों की सफाई न होना लोगों के लिए परेशानी का सबब है।
गौरतलब है कि यह मुद्दा कष्ट निवारण समिति की बैठक में जोरों से उठा था। फिर बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के आदेशों के बावजूद ड्रेनों की सफाई का कष्ट दूर नहीं हो सका है। बैठक में शहर के मुख्य इलाकों से गुजर रही ग्योंग ड्रेन में गंदगी का मुद्दा मंत्री के सामने विधायक लीला राम और भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर ने प्रमुखता से उठाया था। बावजूद इसके कोई समाधान नहीं हो पाया है।
दूसरी ओर सिंचाई विभाग का दावा है कि उन्होंने मानसून में बाढ़ की स्थिति से निपटने के घग्गर नदी और शहरी क्षेत्र में ड्रेनों की सफाई का 70 प्रतिशत का कार्य पूरा लिया है परंतु हकीकत में अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से मानसून में सिंचाई विभाग को 30 जून तक ड्रेनों की सफाई करनी थी, लेकिन जुलाई का आधा महीना बीत जाने के बावजूद सफाई नहीं हो सकी है।
सफाई न होने से अधिक बारिश होने की स्थिति में शहर में जलभराव की परेशानी होगी। सिंचाई विभाग समय के अनुसार काम नहीं कर पाया है। हालांकि नगर परिषद ने शहर के बड़े नालों की सफाई करवा दी है।
शहर में पहले ही सीवरेज व्यवस्था है लचर ः एक तो शहर में पहले से ही सीवरेज में पानी निकासी की व्यवस्था लचर है। दूसरी ओर शहर के बीचोंबीच गुजर रही ग्योंग ड्रेन की भी अभी तक सफाई नहीं की गई है। ड्रेन गंदगी और दूषित पानी से भरी पड़ी है। इसकी सफाई न होने के कारण शहर की पांच कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को परेशानी आ रही हैं।
इनमें शहर का पॉश क्षेत्र माना जाने वाला हुडा का सेक्टर 18 भी शामिल है। ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को इस बारे में पता नहीं, लेकिन सब कुछ जानने के बावजूद अधिकारी खामोश बैठे हैं। कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि इस संबंध में वे कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन इसकी सफाई करवाने की दिशा में अभी तक अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
करीब छह हजार परिवार ड्रेन की गंदगी से परेशान ः शहर में भगत सिंह कॉलोनी, फ्रेंड्स कॉलोनी, डिफेंस कॉलोनी, हुडा सेक्टर 18 व देवीगढ़ के निवासियों को ड्रेन के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में ड्रेन की लंबाई करीब तीन किलोमीटर तक है। भगत सिंह कॉलोनी से शुरू होकर देवीगढ़ के अंतिम छोर तक ड्रेन में गंदगी भी पड़ी है, जो लोगों के लिए परेशानियों का कारण बनी हुई है। संवाद
ड्रेन में डाला जा रहा सीवर का पानी
करनाल रोड के दोनों तरफ लगने वाली कॉलोनियों में निकासी व्यवस्था ठप पड़ी है। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल सहित इसके आस-पास स्थित कॉलोनियों का भी पानी इस ड्रेन में ही छोड़ा जा रहा है। दुकानदारों ने बताया कि इस ड्रेन में पिछले करीब 30 वर्ष से बदहाली फैली है। यह ड्रेन केवल बरसाती पानी के लिए बनाई गई है, लेकिन इसी में सीवर का गंदा पानी डाला जा रहा है, जिस कारण आसपास बदबू फैली रहती है। गर्मी के चार पांच महीनों में तो लोगों को मच्छरों के कारण बीमरियां फैलने का डर रहता है। इसलिए इसे सीमेंट से ढका जाए। - रामेश्वर फौजी नीमवाला, कैथल।
आरोप ः हर बार केवल कागजों में होती है सफाई
डिफेंस कॉलोनी व फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी मनोज, अमित, शुभम, महिला बिमला देवी, दीपक ने बताया कि शहर के अंदर यह ड्रेन जन स्वास्थ्य विभाग के अधीन आती है। वे हर बार ड्रेन को साफ करवाने के लिए अधिकारियों को अवगत करवाते हैं, लेकिन सफाई केवल कागजों में ही होती है। इस बार कुछ जगहों पर सफाई का कार्य तो शुरू हुआ, लेकिन यह पूरी तरह से नहीं हो पाया है।
मानसून से पहले पूरी ड्रेन की सफाई का कार्य पूरा करवा लिया गया है। कुछ स्थानों पर कार्य बाकी है। यह भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा घग्गर नदी पर इस समय 80 प्रतिशत तक का कार्य पूरा किया गया है। शहर में ग्योंंंग ड्रेन की सफाई जनस्वास्थ्य विभाग के अधीन है। इसे यह विभाग ही करवाएगा। -मंगत राम, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, कैथल।