कैथल। डीसी ने कहा कि जिले में लगभग 170 गांवों में भूजल का स्तर नीचे जा रहा है, जो कि गंभीर विषय है। कई स्थानों पर वॉटर लेवल 20 मीटर से नीचे चला गया है। भूजल स्तर को सुधारने के लिए जिला वॉटर रिसोर्स प्लानिंग कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो गिरते भूजल स्तर को ऊपर लाने के लिए विशेष योजना बनाएगी। सूक्ष्म सिंचाई, सीधी बिजाई, बरसात के पानी का संचय और बोरवेल जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से जलस्तर को ऊपर लाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी को पानी के लिए किसी तरह की कठिनाई न हो।
डीसी प्रदीप दहिया, लघु सचिवालय के वीसी रूम में जिला वॉटर रिसोर्स प्लानिंग कमेटी से जुड़े अधिकारियों से रूबरू थे। इससे पहले हरियाणा वॉटर रिसोर्स अथोरिटी की चेयरपर्सन केसनी आनंद अरोड़ा ने जिले में गिरते भूजल स्तर को दुरूस्त करने की योजना पर चर्चा की। डीसी प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना में कार्य करने वाले इंजीनियर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और एक रूपरेखा बनाकर कार्य किया जाएगा, ताकि योजना समुचित ढंग से चले और हमारे जिले के वॉटर लेवल में सुधार हो।
उन्होंने कहा कि डीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जिसके एडीसी, जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता, नगर परिषद प्रतिनिधि, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग प्रतिनिधि सदस्य होंगे और सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता सदस्य सचिव होंगे। इसके साथ-साथ दो नॉन ऑफिसियल सदस्य भी बनाए जाएंगे, जो कि इस कार्य में पूरा सहयोग करें। इस मौके पर जिप सीईओ सुरेश राविश, डीएमसी कुलधीर सिंह, अधीक्षक अभियंता जितेंद्र गोस्वामी, डीडीपीओ कंवर धवन, डीडीए डॉ. कर्मचंद, ईओ कुलदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता हिमांशु लाटका सहित अन्य मौजूद रहे।