संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के एक गांव स्थित सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपों से घिरे शिक्षक के पक्ष में सोमवार को कई अन्य छात्राएं सामने आईं। वे लघु सचिवालय पहुंचीं और एसपी से मिलकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की।
उनका दावा था कि लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और शिक्षक को फंसाया गया है। छात्राओं ने बताया कि आरोपी अध्यापक द्वारा ऐसा कोई अनुचित व्यवहार नहीं किया गया। उनका आरोप था कि स्कूल के ही कुछ अन्य शिक्षक उसके खिलाफ साजिश कर रहे हैं और छात्रा को मोहरा बनाकर केस दर्ज करवाया गया है।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और राजनीति कर रहे शिक्षकों पर भी कार्रवाई की मांग की।
यह है पूरा मामला: सरकारी स्कूल की एक नाबालिग छात्रा ने अंग्रेजी विषय पढ़ाने वाले शिक्षक पर 16 जुलाई को लैब में छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। शिकायत के अनुसार, छात्रा ने कहा कि शिक्षक ने उसे लैब में गलत तरीके से छुआ और अशोभनीय व्यवहार किया।
वहीं आरोपी शिक्षक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि छात्रा लैब में अश्लील वीडियो देख रही थी। जब उसे टोका गया और माता-पिता को बुलाने की बात कही गई, तो उसने धमकी दी कि देख लूंगी ।
आरोपों से नाराज शिक्षक का यह भी कहना है कि छात्रा ने बाद में माफी मांग ली थी और शिकायत भी वापस ले ली थी, लेकिन बाद में स्कूल के ही दो अन्य शिक्षकों ने छात्रा को भड़काया और दोबारा शिकायत दर्ज करवाई।
दोनों पक्षों के बीच हो चुकी पंचायत
इस मामले में पहले स्कूल स्तर पर दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई थी, लेकिन सुलह न होने पर छात्रा के परिजनों ने महिला थाना में शिकायत दी। पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़ और एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।