संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट ने ओलावृष्टि और भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान स्पेशल गिरदावरी कर सरकार से तुरंत मुआवजा जारी करने की मांग की है। यूनियन के आईटी सेल प्रभारी जरनैल सिंह जैली का कहना है कि पूरे हरियाणा के साथ-साथ गुहला चीका क्षेत्र में पिछले 72 घंटे में हुई लगातार बारिश और ओलावृष्टि से गुहला चीका क्षेत्र के दर्जनों गांवों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
भाकियू चढूनी की टीम ने गुहला हलके के समीप कई गांवों का दौरा किया और नुकसान का आकलन किया है। अधिकतर फसलों में ओलावृष्टि से नुकसान होने की बात सामने आई है। जिला उपाध्यक्ष केवल सिंह सदहरेडी, युवा जिला महासचिव लखविंदर सिंह ठेकेदार, हल्का उपाध्यक्ष गुरबचन सिंह हरिगढ़ किंगन, गुरपाल सिंह गगडपुर ने बताया कि पिछले कई महीनों के
बाद हुई इस बारिश का किसान बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। खास
तौर पर गेहूं, सरसों, सब्जियों, गन्ने, हरे-चारे समेत सभी फसलों इस समय बारिश की दरकार थी।
दो-तीन दिन पहले जब मौसम में कुछ बदलाव आया और हल्की बारिश शुरू हुई तो किसानों के चेहरे खिल गए, परंतु शुक्रवार को दोपहर के बाद एकदम से तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी शुरू हुई। इस भारी ओलावृष्टि से दर्जनों गांवों में खेतों और रास्तों पर बर्फ की मोटी परत जम गई, जिससे सभी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से प्रभावित इलाके में सरसों की फसल, गेहूं, आलू, मटर, टमाटर को अधिक नुकसान ओलावृष्टि से हुआ है।
भाकियू चढूनी आईटी सेल प्रभारी जरनैल सिंह जैली ने बताया कि गुहला हल्के के गांव चीका, हरिगढ़ किंगन, भागल, बलबेहडा, रताखेडा घड़ाम, खानपुर, खरकां आदि अनेक गांवों में सभी फसलों में अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गुहला चीका क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों की स्पेशल गिरदावरी के आदेश जारी करे। नष्ट हुई फसलों का 50 हजार प्रति एकड़ किसानों को मुआवजा दिया जाए।