संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। केंद्र सरकार की नई कृषि नीति के विरोध में चार जनवरी को टोहाना की अनाज मंडी में राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र घासीराम नैन ने दी।
रविवार को कलायत उपमंडल में वह किसानों को महापंचायत का न्योता देने पहुंचे थे। नैन ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की मांगों पर सुध लेनी चाहिए। केंद्र सरकार की इस कृषि नीति को किसान बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे वे हर संघर्ष के लिए तैयार हैं। एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी, बिजली के निजीकरण का विरोध और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून का कार्यान्वयन जैसे मुद्दों को लेकर ही महापंचायत होगी।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों और श्रमिकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। सरकार नई राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति, डिजिटल कृषि मिशन और श्रम संहिताओं जैसे कदम उठाकर किसानों की आजीविका और राज्यों के संघीय अधिकारों पर हमला कर रही है।
एमएसपी की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का अनशन समाप्त करवाने की दिशा में केंद्र सरकार की ओर से बरती जा रही उदासीनता ने तो किसानों के प्रति केंद्र की नीतियों को साफ कर दिया। यदि किसान नेता डल्लेवाल को कुछ होता है तो उसके लिए केंद्र की भाजपा सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार होगी।
इस अवसर पर उनके साथ प्रदेश महासचिव जिया लाल, खंड प्रधान जिले सिंह, चांदी राम, जोरा सिंह शिमला, मेवा सिंह नैन व प्रीतम सिंह मौजूद रहे।