संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में कचरा प्रबंधन ठप है। हालांकि प्रशासन की ओर से मुख्य सड़कों से कचरा हटवाने का प्रयास किया गया, लेकिन शहर के अंदरूनी बाजारों और गलियों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। अनुमान के अनुसार करीब 300 टन कचरा शहर में पड़ा हुआ है।
सफाई कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण शहर के प्रमुख बाजारों—कमेटी चौक, चंदाना गेट, तलाई बाजार, अंबाला रोड और पुरानी अनाज मंडी में कूड़े के ढेर लगे हैं। सड़कों के किनारे पड़े कचरे से उठ रही दुर्गंध ने दुकानदारों और ग्राहकों का जीना मुश्किल कर दिया है।
दूसरी ओर प्रशासन कचरा प्रबंधन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था निकालने में विफल नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि शहर के खाली प्लाटों को भी लोगों ने अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बना दिया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ गया है।
डोर-टू-डोर व्यवस्था के सहारे शहर : वर्तमान में शहर में केवल डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था आंशिक रूप से चल रही है। लेकिन सेकेंडरी डंपिंग पॉइंट्स से कचरा न उठने के कारण वहां भी कूड़ा सड़कों पर फैल रहा है। सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे कार्य पर वापस नहीं लौटेंगे। पहले यह हड़ताल सीमित अवधि के लिए थी, लेकिन अब इसे 11 मई तक बढ़ा दिया गया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
नगर परिषद गेट पर ताला, कामकाज ठप
हड़ताल का असर केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने नगर परिषद के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया है और वहीं धरने पर बैठे हैं। गेट बंद होने के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी जैसे जरूरी कार्यों के लिए आने वाले लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ रहा है। इससे आम जनता में प्रशासन के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है।