जल जीवन मिशन के तहत नोडल अधिकारी एवं कार्यकारी अभियंता कर्णबीर सिंह ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यालय में जिला सलाहकार व सभी बीआरसी के साथ बैठक की। कर्णबीर सिंह ने कहा कि विज्ञान संकाय के सभी विद्यालयों में बच्चों व ग्राम जल एवं सीवरेज समिति सदस्यों को एफटीके किट व और ओटी परीक्षण के बारे में जानकारी दी जा रही है। हर घर नल से स्वच्छ जल प्रदान करना विभाग की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि रोजगार कार्यालय से सक्षम युवाओं का सहयोग लेकर गांव-गांव पानी का प्रशिक्षण एवं क्लोरीन जांच करने के लिए टीमें गठित की जाएंगी। कर्णबीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 -22 में 350 स्कूलों में जल जीवन मिशन व जल संरक्षण को लेकर जागरूकता शिविर लगाने का लक्ष्य रखा गया था। 261 स्कूलों में अब तक विभाग द्वारा विद्यार्थियों को जल जीवन मिशन व जल संरक्षण के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। कर्णबीर सिंह ने बताया कि कैथल जिले में पानी की गुणवत्ता जांच करने के लिए दो प्रयोगशाला हैं। एक जिला स्तरीय प्रयोगशाला कैथल में है और दूसरी प्रयोगशाला गुहला-चीका में है। उनमें पानी की गुणवत्ता की जांच करवाई जा सकती है। वही कोई भी आम नागरिक विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अपने पानी का सैंपल टेस्ट करवाने का आवेदन कर सकता है और ऑनलाइन ही रिपोर्ट ले सकता है।
दीपक कुमार ने बताया कि वर्ष 2021-22 का 6697 फील्ड टेस्टिंग किट बांटने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक लगभग 1700 फील्ड टेस्टिंग किट बांट दी गई हैं। दीपक कुमार ने बताया कि प्रत्येक पंचायत को 18 फील्ड टेस्टिंग किट बांटी जाएंगी, जिनमें से 2 स्कूली बच्चों को, 2 आंगनबाड़ी और 8 प्रत्येक ग्राम जल एवं सीवरेज कमेटी के सदस्यों को दी जाएंगी। 6 गांव के अन्य लोगों को दी जाएंगी जिसमें भूतपूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य लोग शामिल रहेंगे। इस मौके पर बीआरसी संदीप कुमार, साहिब सिंह, सतविंदर सिंह, विष्णु शर्मा, चंद्रशेखर व रघुबीर सिंह मौजूद रहे।