कैथल। विधानसभा में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने महिला से पांच लाख रुपये की ठगी कर ली। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में सिरसल निवासी मंजू ने बताया कि करीब 14 महीने पहले उसकी जान पहचान जसबीर सिंह से हुई थी, जो खुद को ढांड का निवासी बताता था। उसने बताया था कि कुरुक्षेत्र और पंचकूला में भी उसके मकान हैं। इसके बाद दोनों की बातचीत होती रही। एक दिन जसबीर ने महिला को बताया कि उसकी पत्नी संगीता डीएसपी है। वह खुद भी मंत्रियों के साथ उठता-बैठता है। किसी भी विभाग में जब नौकरी आएगी तो वह उसे नौकरी दिलवा देगा। एक दिन उसका फोन आया कि विधानसभा में क्लर्क की नौकरी निकली है। वह उसे यह नौकरी दिलवा देगा। इसके लिए उसे पांच लाख रुपये देने होंगे। फोन आने के बाद महिला ने घरवालों से बातचीत कर हां कर दी। जसबीर ने महिला को बताया कि रुपये नकद देने होंगे, वह भी एक साथ। मंजू ने रुपये के लिए एक दो-दिन का समय मांगा। मंजू के पास उस समय दो लाख रुपये थे और तीन लाख रुपये उसके पिता ने गांव के दो लोगों से ब्याज पर लेकर दिए। पांच लाख रुपये का प्रबंध कर मंजू ने जसबीर को फोन किया। जसबीर सिंह ने कहा कि वह ढांड में नहीं है। उसके लड़के अजय और विजय उसकी पत्नी संगीता के साथ पंचकूला से आएंगे। उसने जब ढांड बस अड्डे पर संगीता को पैसे दिए तो उसके साथ दो लड़के भी थे, जो अजय व विजय नाम बता रहे थे। संगीता ने उसे वहां भी बताया कि वह डीएसपी है। उसका काम जल्द हो जाएगा। इसके बाद जसबीर ने उसे रोल नंबर भी दिया और 10 फरवरी को साक्षात्कार होने की जानकारी दी। इसके बाद 10 फरवरी को वह चंडीगढ़ पहुंची। जहां जसबीर ने उसे एक पेपर लाकर दिया, जिसमें सभी उत्तर पहले ही दिए गए थे। पेपर दिखाने के बाद उसे ढांड छोड़ दिया गया। इसके बाद जब कोई परिणाम नहीं आया तो उसने जसबीर से बात की। जसबीर उसे लगातार झांसा देता रहा। बाद में उसने धमकी देनी शुरू कर दी। उसे बाद में पता चला कि न तो आरोपी की पत्नी डीएसपी थी और न ही विधानसभा में कोई भर्ती निकली थी। इसके बाद उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने इस संबंध में जसबीर, संगीता, विजय और अजय के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।