संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गेहूं कटाई के सीजन को देखते हुए जिला फायर ब्रिगेड पूरी तरह सतर्क हो गया है। खेतों में आग लगने की संभावित घटनाओं की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई के लिए विभाग ने जिलेभर में 22 दमकल गाड़ियां तैनाती की हैं। इनमें से छह गाड़ियां जिला मुख्यालय और अन्य शेष को विभिन्न कस्बों और संवेदनशील क्षेत्रों के लिए तैयार रखा है।
फायर ब्रिगेड विभाग ने ग्रामीण व मंडी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक रूप से गाड़ियों की तैनाती की है। ढांड और धनौरी में एक-एक, चीका में पांच, पूंडरी में चार, कलायत में दो और राजौंद में दो दमकल गाड़ियां तैनात की गई हैं। इन क्षेत्रों में गेहूं की फसल बड़े पैमाने पर तैयार है, जिससे आग लगने की आशंका अधिक रहती है।
हो चुके दो अग्निकांड : सीजन की शुरुआत के साथ ही जिले में अब तक आग लगने की दो घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालांकि फायर ब्रिगेड की तत्परता से दोनों मामलों में समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और बड़े नुकसान से बचाव हुआ।अधिकारियों के अनुसार अधिकतर घटनाएं लापरवाही के कारण होती हैं, जैसे खेतों में बीड़ी-सिगरेट फेंकना या मशीनों से निकली चिंगारी। पिछले वर्षों में भी आगजनी से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
हड़ताल के बीच वैकल्पिक व्यवस्था : फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विभाग को स्टाफ की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद आपात सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए 17 रोडवेज चालकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये चालक दमकल गाड़ियों का संचालन कर रहे हैं और समय पर घटनास्थल तक पहुंचने में सहयोग देंगे।
जिला फायर ब्रिगेड अधिकारी सुमित ने बताया कि गेहूं सीजन को देखते हुए 22 दमकल गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं और टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर काम कर रही हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खेतों में आग से बचाव के लिए सतर्क रहें, मशीनों का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और धूम्रपान से बचें। किसी भी आगजनी की स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड नंबर 101 पर सूचना दें, ताकि समय रहते नुकसान को कम किया जा सके।
3.90 लाख एकड़ में की गई है गेहूं की बिजाई
जिले में लगभग 3 लाख 90 हजार एकड़ में गेहूं की बिजाई की गई है और कटाई का सीजन करीब 25 अप्रैल तक चलेगा। विभाग ने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित करें।