गुहला-चीका। किसानों ने अब गेहूं की बिजाई शुरू कर दी है लेकिन गुहला चीका क्षेत्र में डीएपी खाद की भारी कमी के कारण कोऑपरेटिव सोसाइटी कार्यालय से किसान बैरंग लौट रहे हैं। किसान सोसाइटी कार्यालय पर सुबह छह बजे की कतार में लग गए थे, लेकिन आठ घंटे तक कतार में लगे रहने के बाद मात्र तीन किसानों को खाद मिल सकी और अन्य किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। डीएपी की कमी से किसानों में नाराजगी है। उनका कहना है कि पर्याप्त डीएपी खाद नहीं मिलने के कारण वे समय पर गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
किसानों ने बताया कि वे पिछले पंद्रह दिनों से डीएपी खाद के लिए दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि बिना डीएपी खाद के खेत को अगली फसल के लिए तैयार करना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए डीएपी खाद की उपलब्धता बेहद जरूरी है। रविवार को मंडी कोऑपरेटिव सोसाइटी कार्यालय में खाद लेने के लिए किसान सुबह लाइन में लग गए थे, लेकिन साढ़े 8 घंटे लाइन में खड़े होने के बाद श्याम शाम 3 बजे किसानों को खाद मिली।
वर्जन:
गुहला चीका क्षेत्र में डीएपी खाद की स्थिति ठीक है और क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में खाद मंगाई गई है। खाद के साथ अनावश्यक दवाइयां देने पर ऐसे दुकानदारों की कृषि विभाग में शिकायत करें, उसके खिलाफ तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. कंचन कुमारी, एसडीओ कृषि विभाग चीका।