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दीपावली पर बारूद का अवैध कारोबार गरम

Mon, 17 Oct 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो कैथल
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पुलिस ने पकड़ा पटाखों का जखीरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दीपावली को लेकर प्रशासन द्वारा भले ही पटाखा बिक्री के लिए जगह निर्धारित की जाती है। लेकिन अभी से पटाखों का अवैध भंडारण किए जाने की होड़ लगी हुई है। शहर में कई जगह पटाखों का भंडारण किया जा रहा है। अवैध रूप से किए जा रहे भंडारण के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुलिस ने शनिवार रात गुहला-चीका में पंजाब बॉर्डर से आतिशबाजी के सामान से भरी दो गाड़ियां बरामद की हैं। जिसमें लाखों रुपये के पटाखे भरे गए थे। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। हालांकि इस तरह की कार्रवाई पूरे जिले में किए जाने की जरूरत है।
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बाजार में दीपावली पर फोड़े जाने वाले बमों की सुगबुगाहट से ग्राहक भारी संख्या में इस बम रूपी बारूद को खरीदते हैं। इस बार एक हजार रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक के पटाखे उपलब्ध हैं। ग्राहकों की मांग पर इससे अधिक कीमत के पटाखों को भी मंगवाया जाता है।

शहर में कई जगह किया जा रहा है भंडारण
शहर में कई जगह पटाखों का भंडारण किया जा रहा है। इनमें से कई लोगों के पास इस धंधे की अनुमति नहीं हैं। वहीं कई लोग पूरे नियमानुसार पटाखे लाकर बिक्री की तैयारी भी कर रहे हैं। प्रशासन अवैध रूप से हो रहे भंडारण को लेकर ज्यादा सजग नजर नहीं आ रहा। जिस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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शहर में होता है 3 करोड़ से अधिक का व्यापार
शहर में हर वर्ष पटाखों का डेढ़ से दो करोड़ का व्यापार होता है। यह आंकडे़ वह है जो व्यापारी स्टॉक रखते हैं लेकिन शहर के विभिन्न स्थानों पर लगने वाले स्टालों की बिक्री को मिलाकर यह आंकड़ा तीन करोड़ से ऊपर बनता है। एक होल सेलर 40 से 50 लाख के पटाखे बेचता है।

पटाखों में भी नहीं आ रहा चाइना मेड
लोगों द्वारा अपने देशहित के लिए चलाई जा रही चीनी समान के बहिष्कार की मुहिम पटाखों में भी दिखाई दे रही है। इस बार चाइना मेड बिल्कुल बंद है। चीनी पटाखों में पोप-पोप, तिली बम और फाईट शामिल है जो भारत में काफी प्रसिद्ध है यह इस बार बाजार में नहीं आ रहा है।

धीरे-धीरे पटाखे खरीदने आ रहे ग्राहक
होल सेल में पटाखे बेचने वाले दुकानदार नवीन ने बताया कि इस बार बाजार में पटाखों की मांग अभी तक कम है, लेकिन धीरे-धीरे ग्राहक पटाखे खरीदने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भारत में बना माल ही बेचा जा रहा है। जो तमिलनाडु में बनता है। उन्होंने कहा कि आपातकाल की स्थिति में बचाव के काफी इंतजाम किए हैं। अवैध रूप से पटाखों का भंडारण कहां हो रहा है। इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
 
दूषित पटाखों पर लगे पाबंदी
ग्राहक सुभाष ने कहा कि हम दीपावली पर पटाखे जलाकर ही खुशी नहीं मना सकते बल्कि इसके साथ हम गरीबों को कपड़े और मिठाइयां देकर भी खुशी मना सकते हैं। सरकार को पर्यावरण अधिक दूषित करने वाले पटाखों पर पाबंदी लगानी चाहिए।  

पंजाब बार्डर के गांव में पकड़ा अवैध पटाखों का जखीरा
गुहला-चीका पुलिस ने पंजाब बार्डर पर समाना के साथ लगते गांव में बने एक गोदाम से पटाखों का बहुत बड़ा जखीरा पकड़ा है। यह पटाखे दीपावली पर बेचने के लिए जमा किए गए थे तथा समाना के एक व्यापारी के बताए जाते हैं। पुलिस ने पटाखों को अपने कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। पटाखों की कीमत लाखों में बताई जा रही है।

गुहला थाना प्रभारी मुनीश कुमार के अनुसार पुलिस को कहीं से गुप्त सूचना मिली थी कि समाना के राजकुमार नाम के एक व्यापारी ने अजीमगढ़ में बनाए एक चीनी के गोदाम में पटाखे जमा कर रखे हैं। सूचना यह भी थी पटाखे स्टाक का वैधानिक लाइसेंस भी व्यापारी के पास नहीं है। इस सूचना के आधार पर गुहला पुलिस ने अपनी महमूदपुर चौकी के इंचार्ज सुलतान सिंह की अगुवाई में टीम का गठन करके जब गोदाम पर दबिश दी तो वहां पटाखों की पेटियों का अंबार लगा पाया। पुलिस ट्रक में पटाखों को लोड करके थाना गुहला ले आई और उन्हें सील कर दिया। पुलिस ने अग्रवाल कालोनी समाना निवासी राजकुमार के खिलाफ 9बी (2) विस्फोटक अधिनियम 1884 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी अभी गिरफ्तार नहीं हो पाया है।

जिले में अवैध रूप से आतिशबाजी के सामान का भंडारण नहीं होने दिया जाएगा। यदि किसी को इस तरह के अवैध कारोबार की सूचना मिले तो पुलिस को सूचित करे। पटाखा विक्रेता लाइसेंस और बिल लेकर नियमानुसार पटाखा बिक्री का काम करें। ताकि उन्हें परेशानी ना हो। गुहला-चीका में मिले पटाखों को लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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सुमेर प्रताप सिंह, एसपी कैथल।
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