संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। आबादकार पट्टेदारों की जमीनों की खुली बोली के मुद्दे को लेकर किसान सभा का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को गुहला के एसडीएम से मिला और खुली बोली प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई।
किसान सभा के जिला प्रधान जसबीर सिंह, जिला सहसचिव धर्मपाल भूना तथा तहसील गुहला उपप्रधान जसपाल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आबादकार पट्टेदारों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें उजाड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ने आबादकार पट्टेदारों को जमीनों का मालिकाना हक देने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया हुआ है, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन पट्टेदार किसानों की जमीनों की खुली बोली करवाकर उन्हें बेदखल करने का प्रयास कर रहा है।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ पंचायतें भी चुनिंदा किसानों की लीज राशि अत्यधिक बढ़ाकर उन्हें जमीनों से हटाने का प्रयास कर रही हैं। उनका कहना था कि प्रशासन की यह कार्रवाई सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन की भावना के विपरीत है, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
किसान सभा ने मांग की कि सभी पुराने पट्टेदारों से समान रूप से लीज ली जाए तथा किसी भी किसान के साथ भेदभाव न किया जाए। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ कार्य करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा न होने पर लोगों के बीच आपसी टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। किसान नेताओं ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन और पंचायत चाहें तो एक कमेटी गठित कर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को 30 प्रतिशत जमीन का अधिकार भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
इस दौरान कैप्टन प्रमेश सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और समस्याओं को जिला स्तर के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में जसबीर सिंह, धर्मपाल भूना, जसपाल सिंह, कृपाल सिंह, भगवान दास, सतपाल सिंह और गुरमीत सिंह आदि उपस्थित रहे।