संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। शंभू और खनौरी बॉर्डर से किसानों को हटाए जाने और किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल सहित अन्य किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को गुहला के अरनौली में किसानों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका।
किसानों के रोष को देखते हुए खुफिया पुलिस और प्रशासन चौकन्ना रहा। रोष प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के प्रदेश उपाध्यक्ष तेजेंद्र पूनिया कोर कमेटी सदस्य जस्सा पूनिया ने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी मुख्यमंत्री ने इस प्रकार के हथकंडे अपनाकर किसानों को जबरन बॉर्डर से हटाया हो।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार से एमएसपी गारंटी कानून सहित तमाम मांगों को लेकर सातवें दौर की वार्ता चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही पंजाब की भगवंत मान सरकार ने धोखे से किसानों को मीटिंग के लिए बुलाया और पीछे से दोनों बॉर्डरों, शंभू व खनौरी पर शांतिपूर्वक तरीके से बैठे किसानों को हिरासत में लेकर किसानों की पीठ में छूरा घोंपने का काम किया है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार ने ये घिनौना कृत्य किसके इशारे पर किया है, ये सोचने वाली बात है। जो मुख्यमंत्री कल तक किसानों के हित की बात करता था, आज वह किसानों का विरोधी कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का ये निर्णय कतई बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द हिरासत में लिए गए किसानों को नहीं छोड़ा गया, तो किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
इस अवसर पर सुखविंदर सिंह हरमेल सिंह, रजिंद्र सिंह, मियां सिंह, मनी सिंह, शिंदा सिंह, सिकंदर सिंह, हरमन सिंह आदि किसान मौजूद रहे।