नगर परिषद कैथल में कार्यप्रणाली को लेकर दर्जन भर निवर्तमान पार्षदों की शिकायत पर विधायक लीला राम ने 20 अक्तूबर को अल्टीमेटम दिया था कि नगर परिषद में काम न करने वाले अधिकारियों को नहीं रहने देंगे। वे जल्द ही कई अधिकारियों के तबादले की बात करेंगे। इस अल्टीमेटम के सप्ताह के अंदर ईओ नगर परिषद रंविद्र कुहाड़ का मंगलवार को तबादले के आदेश जारी हो गए। उनकी जगह कैथल नगर परिषद में पूर्व में सचिव रहे कुलदीप मलिक को ईओ नियुक्त किया गया है।
बुधवार को उन्होंने कार्यभार संभाल लिया। पार्षदों ने जहां विधायक का आभार जताया है, वहीं कुछ अन्य अधिकारियों को भी यहां से स्थानांतरित करने की मांग की है। 20 अक्तूबर को पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, पूर्व पार्षद पार्षदों पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, निवर्तमान पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला, रजत थरेजा, हरीश सचदेवा, प्रवीण गर्ग, संजय गर्ग, निवर्तमान पार्षद प्रवीण काला सांघन, आशा रानी ने विधायक लीला राम से मिलकर नगर परिषद कैथल में अव्यवस्था की शिकायत की थी। जिसमें पार्षदों व प्रतिनिधियों ने कहा कि पूरे शहर में स्ट्रीट लाइट का बुरा हाल है। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में कोई सुनवाई नहीं है। लोग वहां जाते हैं, कोई सुनवाई नहीं होती। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में कई महीने फाइलें नहीं निकलतीं। लोग चक्कर काटते रहते हैं। शहर के अंदर, निरवानिया बिल्डिंग हो या फिर बाजार की स्थिति। वहां पर सफाई ही नहीं होती। डेंगू का शहर में बुरा हाल है।
इसके बावजूद सफाई की ओर ध्यान नहीं हैं। 400 से अधिक सफाई कर्मचारी होने के बावजूद शहर में सफाई नहीं हो रही। क्या कारण है कि इतने कर्मचारियों के होने के बावजूद सफाई नहीं होती। सीएम एनाउंसमेंट के तहत मिली 10 करोड़ रुपये की ग्रांट पिछले तीन साल से खर्च नहीं की जा रही है। टेंडर लगते हैं और रद्द हो जाते हैं। न जाने क्या कारण है कि यहां पर यह ग्रांट खर्च नहीं हो पा रही। यह खर्च होगी, तभी तो ओर आएगी।
इन शिकायतों के बाद विधायक ने एक सप्ताह के अंदर ही काम न करने वाले अधिकारियों के तबादले की बात कही थी। जिसके तहत मंगलवार को ही ईओ रविंद्र कुहाड़ के तबादले के आदेश जारी हो गए। उनकी जगह बुधवार को ईओ कुलदीप मलिक ने ज्वाइन कर लिया है। कुलदीप मलिक ने कहा कि शहर में जो भी समस्याएं हैं। उनका समाधान किया जाएगा। चाहे सफाई हो, स्ट्रीट लाइट का मामला हो या अन्य मुद्दे। सभी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।
पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, पार्षद प्रतिनिधि एडवोकेट धर्मबीर भोला ने कहा कि वे विधायक के आभारी हैं। उन्होंने उनकी शिकायत पर संज्ञान लिया। उनका मकसद केवल शहर के हितों के लिए आवाज उठाना है। शहर में लोग परेशान होंगे तो वे विधायक को जानकारी देंगे। यशपाल प्रजापति ने कहा कि एक-दो अन्य अधिकारी ऐसे हैं, जो अपना काम करने में असक्षम हैं। वे विधायक से मिलकर उनके तबादले की भी मांग करेंगे।
काम करने वाले अधिकारी ही कैथल में रहेंगे
विधायक लीला राम ने कहा कि शहर में काम करने वाले अधिकारी ही रहेंगे। पार्षद शहर के गणमान्य व्यक्ति हैं। उन्हें वार्डों की जमीनी सच्चाई पता होती है। उनके साथ-साथ अधिकारियों को जनता की बात सुनकर उनकी समस्याओं का समाधान करना होगा। जो अधिकारी ऐसा नहीं करेगा, वह कैथल में नहीं रहेगा। कैथल में केवल काम करने वाले अधिकारी ही रहेंगे। जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।