संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। निर्माण के चंद दिनों के बाद ही सड़क टूटने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। अब उस पर पैचवर्क किया जा रहा है। यह है कलायत उपमंडल के गांव दुब्बल से सजूमा के चार किलोमीटर के संपर्क मार्ग की कहानी है।
पूर्व सरपंच कर्मबीर, बलकार सहारण, महेंद्र राईका, राममेहर काजल, संजीव सहारण आदि ने बताया कि यह संपर्क मार्ग मार्केटिंग बोर्ड ने महज 10 दिन पूर्व ही बनवाया था। सभी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता को ताक पर रखा गया। इसमें निर्माण सामग्री दोयम दर्जे की प्रयोग में लाई गई है। ऐसे में सड़क पहले दिन से ही टूटना आरंभ हो गई थी। महज 10 दिनों के भीतर है मरम्मत के लिए पैच लगाने की नौबत आ गई।
पूर्व सरपंच ने कहा कि सरकारी पैसे के दुरुपयोग का इससे बड़ा उदाहरण कोई और हो नहीं सकता। इस सड़क के निर्माण में प्रयोग की गई सामग्री की जांच होना चाहिए तथा दोयम दर्जे की सामग्री प्रयोग करने वाले तथा उसको पास करने वाले दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। प्रेम, गुरमेल, सुरेश, महावीर, संजय आदी ने कहा कि उनके गांव दुब्बल से गुहणा तक बनने वाले पांच किलोमीटर के संपर्क मार्ग को पिछले दो मास से उखाड़ कर छोड़ दिया गया। मार्ग पर पड़े पत्थर राहगीरों, वाहन चालकों व पशुओं के लिए बहुत बड़ी समस्या बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसी तरह से गांव कुराड़ से सांघन तक बनने वाले 10 किलोमीटर के संपर्क मार्ग को भी उखाड़ कर छोड़ दिया गया। दो माह से लोक संपर्क विभाग इन दोनों मार्गों पर होने वाले निर्माण कार्य की कोई सुध ही नहीं ले रहा। कम से कम पत्थरों को किनारे किया जा सकता था जिससे वाहन चालकों व बैलगाड़ियोंको चलने में कोई दिक्कत न हो। पत्थरों के कारण से बैलों के खुर तक जख्मी हो गए। कई दो पहिया वाहन चालक कई बार गिर कर चोटिल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि शीघ्र ही इन संपर्क मार्गों के निर्माण कार्य को पूरा किया जाए ताकि उन लोगों को राहत मिल सके।
दूसरी ओर मार्केटिंग बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता जगदीप सिंह ने बताया की जिस समय सड़क निर्माण को पूरा किया गया उस समय अचानक भारी धुंध व ठंड बढ़ गई। ठंड में तारकोल जम नहीं पाता है और किया गया निर्माण कार्य टूट जाता है। जिन स्थानों से सड़क टूटी है, वहां पैच लगाए जा रहे हैं। अब दो दिन से धूप निकली है तो पैच का कार्य पूरा हो जो जाएगा। उधर लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता वीरेंद्र वर्मा व लखपत राय ने बताया की ठंड की वजह से सड़क निर्माण कार्य पुख्ता नहीं हो पाता। तकनीकी दिक्कतों की वजह से दोनों संपर्क मार्गों का निर्माण अभी रोका हुआ है। सड़क के पत्थरों को किनारे करवाया जा रहा है।