कैथल। रोजगार विभाग में आर्थिक गड़बड़ी के मामले में एक बार फिर से मामला मुख्यालय के पाले में चला गया है। विभाग द्वारा एफआईआर के लिए आवश्यक कागजात की कमी बताकर इस मामले में मार्गदर्शन मांगा गया है। इस मामले में जांच समिति ने दो व्यक्तियों सहित विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका को भी संदिग्ध बता चुकी है। इसके बावजूद अधूरे कागजात के माध्यम से मामले को लटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला रोजगार अधिकारी को कैथल में हुई आर्थिक गड़बड़ी के मामले में मुख्यालय की ओर से एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिला रोजगार अधिकारी ने पुलिस को यह मामला भेजा। लेकिन अधूरे दस्तावेज के कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई। अब इस मामले में फिर से विभाग ने मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा गया है। जिला रोजगार अधिकारी रीतू चहल ने बताया कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के लिए कागजात देने को कहा है। जिस पर विभाग मुख्यालय को फिर से पूरी जानकारी के लिए पत्र लिखा गया है। जैसे ही विभागीय अधिकारियों से निर्देश प्राप्त होंगे, उसी अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पत्र-पत्र का चल रहा खेल
रोजगार विभाग में हुई गड़बड़ी के मामले में विभागीय समिति जांच कर चुकी है। इसमें स्पष्ट तौर पर गड़बड़ी साबित हुई। जांच रिपोर्ट में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कहीं न कहीं संदिग्ध विभागीय कर्मचारियों को बचाने के लिए यह पत्र-पत्र का खेल खेला जा रहा है। विभाग द्वारा जारी पत्र में किसी कर्मचारी या अधिकारी का नाम नहीं था।