कैथल। विद्युत निगम की लापरवाही के कारण शहर की कॉलोनियों में लटकते बिजली के तार हादसों को न्योता दे रहे हैं। शहर में इन लटकते तारों के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। यहां तक की ट्रांसफार्मर के खंभों के भी तार बिल्कुल नीचे लटक रहे हैं। इन तारों के कारण इंसान के साथ पशुओं को भी करंट लगने की आशंका बनी रहती है। कई कॉलोनियों के मकान की छत से तारें छू रही हैं। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता है। इस बारे में शहरवासियों की ओर से बिजली निगम के अधिकारियों का अवगत कराने के बाद भी हालत जस के तस बने हुए हैं।
शहर के हुडा सेक्टर 18, 19, जनकपुरी कॉलोनी, बालाजी कॉलोनी, शहर के प्यौदा रोड, बलराज नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, रजनी कॉलोनी, फ्रेंड्स कॉलोनी, मायापुरी कॉलोनी, हरसौला बस्ती, खुराना रोड, जींद रोड स्थित सुभाष नगर, डीएवी कॉलोनी, करनाल रोड व अंबाला रोड सहित अन्य कॉलोनियों में सबसे ज्यादा तार लटक हुए हैं।
शहर वासी राजेंद्र, रामकुमार, रामनिवास, सुभाष व प्रताप ने बताया कि तार बदलवाने के लिए निगम के अधिकारी-कर्मचारियों को कई बार शिकायत संपर्क पोर्टल पर भी दर्ज करवाई गई है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है। निगम के अधिकारियों को इस समस्या की तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
प्रोफेसर कॉलोनी निवासी संजीव बत्रा ने बताया कि कालोनी में बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं। इस कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। इन तारों को ठीक करवाने के लिए कई बार बिजली निगम को शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। विभाग लटकते तारों को ठीक कराए। पुरानी तारों की जगह केबल बिछाई जाए, ताकि हादसे न हों।
शहरवासी रघुबीर ने बताया कि शहर के मुख्य बाजार सहित कई कॉलोनियों में बिजली के तार काफी पुराने हैं। कई जगह पर बिजली के तार नीचे लटके हुए हैं। इसका समाधान होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। ट्रांसफार्मर के खंभों पर लगे तार दुर्घटना को न्यौता दे रहे हैं।
बिजली के तार बदलने का काम जारी है। जहां से शिकायतें आ रही हैं। वहां से बिजली की तारों का हटाया जा रहा है। हाईवोल्टेज तारों को प्लास्टिक की तारों में बदला जा रहा है। शहर की अन्य कॉलोनियों से जल्द ही पुरानी तारों को बदल दिया जाएगा।
- प्रदीप गोयत, एक्सईन