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बुढ़ापा पैंशन काटने व आंगनबाड़ी वर्कर्स की बर्खाश्तगी को किसान आंदोलन से जोड़ा

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कैथल। कैथल में पहली बार पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने हरियाणा में आर्थिक आधार पर वृद्धा पेंशन में कटौती और आंगनबाड़ी वर्कर्स की बर्खास्तगी के मुद्दे को किसान आंदोलन से जोड़ दिया। टिकैत ने एलान किया कि बुढ़ापा पेंशन बहाल नहीं की गई तो हरियाणा में बुड्ढों (बुजुर्गों) का आंदोलन होगा। साथ ही सरकार से पत्र लिखकर पूछा जाएगा कि पीएम एवं सीएम द्वारा कही गईं बातों को आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए लागू करने के बजाय उन्हें क्यों हटाया जा रहा है?
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किसान आंदोलन की वापसी के बाद संयुक्त किसान मोर्चा अब लंबित मांगों को मनवाने के लिए फिर से आंदोलन की राह पकड़ता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में कैथल में शनिवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने कई गांवों में जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान टिकैत ने राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ हरियाणा में आर्थिक आधार पर काटी जा रही बुजुर्गों की पेंशन का मुद्दा उठाया। कहा कि उन्हें पता चला है कि हरियाणा में बुड्ढों की पेंशन काटी जा रही है। यह गलत है। बुजुर्ग 2500 रुपये में अपना गुजारा कर लेता है। अब यदि यह काट दी गई तो क्या बुजुर्ग किसी के आगे हाथ फैलाएंगे? यदि ऐसा हुआ तो हरियाणा में बुजुर्गों का आंदोलन किया जाएगा।
साथ ही लंबे समय से हरियाणा में आंदोलनरत आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के मुद्दे को भी उन्होंने किसान आंदोलन से जोड़ दिया। टिकैत ने कहा कि आंदोलन में इन बहन-बेटियों ने खूब सहयोग किया। किसान तो क्योंकि किसी नौकरी पर नहीं थे कि उनकी नौकरी खत्म की जाए। इन महिलाओं को जरूर उनके पद से बर्खास्त किया जा रहा है। इन बहनों के आंदोलन कारण वे मांगे हैं, जिन्हें सीएम और पीएम द्वारा स्वीकार किया जा चुका है लेकिन ये किसानों की तर्ज पर आंदोलन पर डटी हैं। इसलिए किसान मोर्चा इनके आंदोलन को पूरा समर्थन करता है और सरकार को पत्र लिखकर पूछा जाएगा कि जो बात मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने कही है उसे लागू क्यों नहीं किया जा रहा। किसान मोर्चा बहनों का साथ देगा।
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