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Kaithal News: किसानों के फर्जी हस्ताक्षर-अंगूठों की सच्चाई जानने की कवायद शुरू

Thu, 18 Sep 2025 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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निशीकांत शर्मा
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कलायत। कलायत में नेशनल हाई-वे के पास पावर ग्रिड योजना के तहत 328 एकड़ कृषि भूमि के नाम पर ई-भूमि पोर्टल पर किसानों के फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठों की सच्चाई जानने की कवायद शुरू हो गई है। इससे उनकी परेशानियां बढ़ना तय है जिन्होंने निजी फायदे के लिए पोर्टल पर फर्जीवाड़ा के जरिए जमीन बेचने का जाल बुना।

किसान लगातार यह मांग कर रहे हैं कि जमीन घोटाले के सूत्रधार और नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं इसकी जांच जरूरी है। ताकि सरकार और किसानों को गुमराह करने वालों के खिलाफ ठोस कार्यवाही हो सके। इसकी तह तक पहुंचने के लिए उप मंडल मुख्यालय पर एसडीएम अजय हुड्डा की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम के समक्ष किसानों ने अपने अंगूठे-हस्ताक्षरों के नूमने दिए।
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जांच टीम में जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन बिश्नोई, तहसीलदार अजय कुमार, खंड विकास एवं पंचायती अधिकारी रितु शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल रहे। टीम ने ई-भूमि पोर्टल पर किए गए ऑफर्स से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच की। इसमें कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठों की वैधता को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

जांच के चलते कलायत और पिंजूपुरा गांव से बड़ी संख्या में किसान जिनमें महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल थी सुबह से ही उपमंडल कार्यालय परिसर में डटे रहे। किसानों ने प्रशासन के सामने खुलकर आरोप लगाए कि पावर ग्रिड योजना के नाम पर उनकी कृषि भूमि को धोखे से छीनने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कई दस्तावेजों में उनके फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठों का इस्तेमाल किया गया है। संवाद

तह तक पहुंचने में लगी हैं जांच एजेंसियां

नेशनल हाई-वे पर पावर ग्रिड योजना का नाम पर किसानों के फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठों का मामला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कतई नहीं चाहेंगे कि किसानों के नाम पर कोई विवाद खड़ा हो। इसलिए मामले की न केवल जिला प्रशासन बल्कि अन्य एजेंसियों के जरियेे भी जांच करवाने का सिलसिला गुपचुप ढंग से शुरू हो गया है। इसके तहत जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने उप मंडल मुख्यालय पर दस्तक देते हुए बेहद बारीकी से एक-एक तथ्य को जुटाने का सिलसिला तेज कर दिया है।

जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए तैयार नहीं किसान

जसबीर सिंह, मोनू राणा, राम सिंह, सुरेश कुमार, तरसेम सिंह व दूसरे किसानों ने कहा कि फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठों को देखकर हर कोई सहमा है। गंभीर मामले को लेकर सीएम नायब सिंह सैनी से शिष्टमंडल ने मुलाकात की है। सीएम ने प्रभावी कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। किसानों ने जांच कार्यवाही के दौरान तमाम रजिस्ट्री बंद करने की मांग की है। ताकि व्यापक स्तर पर गोलमाल की साजिश सफल न हो पाए। किसानों ने यह भी बताया कि कुल 328 एकड़ में से नाममात्र रजिस्ट्री हुई हैं लेकिन व्यापक स्तर पर रजिस्ट्री होने का प्रचार कर कुछ लोग निजी लाभ लेने के प्रयास में हैं।

आरोपों की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है। जिला उपायुक्त के आदेश पर गठित कमेटी सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। रिपोर्ट जल्द ही शीर्ष अधिकारियों सौंप दी जाएगी। -अजय हुड्डा, एसडीएम

जांच कमेटी की जांच कार्यवाही में शामिल होने के लिए उन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा है। इस समय अवधि में वे तमाम दस्तावेज जुटाते हुए अपना पक्ष जांच अधिकारियों के समक्ष रखेंगे। योगेश तनेजा, एग्रीगेटर
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कलायत और पिंजुपुरा की जमीनों के रिकार्ड को जांचने की भी मांग

किसानों ने कहा कि यह प्रदेश का अपने आपमें बड़ा भूमि घोटाला है। इसमें किसानों के फर्जी अंगूठों व हस्ताक्षरों का दुरुपयोग करनेे की सबूत सामने आ चुके हैं। इतना ही नहीं बिना तकसीम और बिना जमीन की पारदर्शी कार्यवाही के रजिस्ट्री करवाई जा रही हैं। किसानों ने सरकार एवं प्रशासन से मांग की कि इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर गोलमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे नेशनल हाईवे के पास अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को मजबूर होंगे।
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