संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर दोपहर के समय पैसेंजर ट्रेन के संचालन की मांग पिछले पांच वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया। रेल यात्री कल्याण समिति के सदस्य लगातार प्रयासरत हैं कि इस रूट पर दोपहर में ट्रेन चलाई जाए।
फिलहाल कैथल से केवल सुबह और शाम के समय ही ट्रेनें संचालित हो रही हैं। कोरोना महामारी के दौरान बंद की गईं दोपहर की दोनों पैसेंजर ट्रेनें अब तक बहाल नहीं की गई हैं।
कुछ समय पहले रेल यात्री कल्याण समिति ने रेलवे को पत्र लिखकर दोपहर के समय ट्रेन शुरू करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया। पहले यह दोनों ट्रेनें नियमित रूप से चलती थीं, जिन्हें महामारी के बाद से स्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने बताया कि कोरोना से पहले ये ट्रेनें यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा थीं। अब यात्रियों को नरवाना और कुरुक्षेत्र जाने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।
उन्होंने कहा कि सांसद नवीन जिंदल को इस विषय में पत्र लिखकर रेलवे के उच्चाधिकारियों तक बात पहुंचानी चाहिए, ताकि समाधान निकल सके।
कोषाध्यक्ष लाजपत सिंगला ने बताया कि दिसंबर 2022 में अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर सुबह और शाम की ट्रेनें तो शुरू हुई थीं, लेकिन दोपहर की ट्रेनें अब भी बंद हैं। इससे खासकर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले जींद, नरवाना और कैथल के हजारों छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कैथल स्टेशन से अभी चल रहीं ये रेलगाड़ियां
फिलहाल कैथल स्टेशन से कुल नौ ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इनमें तीन एक्सप्रेस और छह यात्री रेलगाड़ियां शामिल हैं। इनमें दौलतपुर-साबरमती इंटरसिटी एक्सप्रेस, कुरुक्षेत्र-दिल्ली एक्सप्रेस, अंब अंदौरा-रायपुर ट्रेन और जींद-कुरुक्षेत्र रूट की चार पैसेंजर ट्रेनें चलाई जा रही हैं। वहीं, दोपहर की दोनों पैसेंजर ट्रेनें अब तक बंद हैं।
कैथल से दोपहर के समय कुरुक्षेत्र और जींद जाने वाली गाड़ियां उत्तर रेलवे मुख्यालय के अधिकारियों द्वारा बंद की गई थीं। इनके संचालन को लेकर अभी तक कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। - सतीश कुमार, अधीक्षक, कैथल रेलवे स्टेशन