संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकारी स्कूलों में शौचालयों की खराब स्थिति को देखते हुए स्कूल शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ), खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और विद्यालय प्रमुखों को तत्काल प्रभाव से शौचालयों की नियमित जांच और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार राज्य के सभी डीईओ अपने जिले के राजकीय स्कूलों का दौरा कर शौचालयों की स्थिति का निरीक्षण करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए अलग और पूर्णतः कार्यशील शौचालय होना अनिवार्य है। प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक को हर समय शौचालयों में साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना होगा।
विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी भी विद्यालय में शौचालय अस्वच्छ पाए जाते हैं या रखरखाव में लापरवाही दिखती है, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार स्कूल प्रमुखों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ये रहेंगे नियम ः हर माह डीईओ 5% और बीईओ 10% स्कूलों की करेंगे जांच
नियमों के तहत डीईओ को हर माह अपने जिले के कम से कम 5 प्रतिशत विद्यालयों विशेषकर शौचालयों की जांच करनी होगी। वहीं बीईओ अपने क्षेत्र के कम से कम 10 प्रतिशत विद्यालयों का निरीक्षण सुनिश्चित करेंगे। निरीक्षण के बाद प्रधानाचार्य व मुख्याध्यापक को इसकी प्रविष्टि निरीक्षण रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। डीएमएस छत्रपाल ने बताया कि संबंधित निर्देश विभाग से प्राप्त हो चुके हैं और उनके आधार पर सभी विद्यालयों में नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।