कैथल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन की मजबूती के लिए पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत कार्यकर्ता हैं और उनसे हमें संवाद बनाए रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पार्टी के लिए संगठन की मजबूती बहुत जरूरी है। वे शनिवार को ग्रेस होटल विश्वकर्मा चौक अंबाला रोड कैथल में आयोजित पार्टी के जिला स्तरीय शक्ति केंद्र प्रमुखों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए हर कार्यकर्ता के साथ संवाद जरूरी है। संवाद ही जीत का मंत्र है। उन्होंने कहा कि संवाद से न केवल संगठन मजबूत रहता है बल्कि चुनाव जीतना भी आसान हो जाता है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि भाजपा के शक्ति केंद्र प्रदेश में मजबूत स्थिति में हैं। जिला प्रभारी वेद फूला ने हर घर तिरंगा विषय पर अपने विचार रखे। सत्र की अध्यक्षता रवि तारांवली ने की। केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार के आठ साल में लोगों में बदलाव विषय पर राज्य मंत्री कमलेश डांडा ने अपने विचार रखे। इस सत्र की अध्यक्षता कैथल विधायक लीलाराम गुर्जर ने की। जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ढांड ने कैथल पहुंचने पर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष व अन्य नेताओं का स्वागत किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्प माला अर्पण करके व दीप प्रज्वलित करके की गई। इस मौके पर जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर ने प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनकर को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। कार्यशाला के पहले सत्र में प्रदेश सचिव जवाहर सैनी ने पंचायती राज चुनाव विषय पर अपने विचार रखे। सत्र की अध्यक्षता प्रदेश कार्यकरिणी सदस्य अरुण सर्राफ ने की। दूसरे सत्र शक्ति केंद्र प्रमुख के कार्यों व बूथ संरचना के विषय पर प्रदेश महामंत्री वेदपाल एडवोकेट ने अपने विचार रखे। इस सत्र की अध्यक्षता हैफेड चेयरमैन कलश भगत ने की। शक्ति केंद्र के अवधारणा बूथ सरंचना, विभाजन विभीषिका करोना टीकाकरण, हर घर तिरंगा इत्यादि समस्त/संपूर्ण सार विषय पर प्रदेश अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि ओमप्रकाश धनखड़ ने अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। इस सत्र की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर डांड की।
कार्यक्रम में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अरुण सर्राफ, राजपाल तंवर, तेजवीर सिंह, मनीष कठवाड़, जसवंत पठानिया, महामंत्री सुरेश संधू, जिला मीडिया प्रभारी, राज रमन दीक्षित, रमनदीप कौर, बलविंद्र जांगड़ा, भीम सेन अग्रवाल, बृज मोहन, शीशपाल जिंदल, महेंद्र चीमा, आदित्य भारद्वाज, सतपाल भारद्वाज, प्रवीण सिंगला, गोपाल सैनी, नरेश मित्तल, ज्योति सैनी, श्यामलाल कल्याण, विस्तारक रवि शर्मा, विनय शर्मा, सुरेश जांगड़ा, हरिचंद जांगड़ा, प्रवीण प्रजापति, जोगिंदर जांगड़ा आदि मौजूद रहे।