सीवन। संत छवि रामदास ने एक धार्मिक चर्चा के दौरान कहा कि जीवन में सच्ची शक्ति केवल भक्ति से ही प्राप्त होती है। आज के अधिकतर मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भाग रहे हैं, लेकिन आत्मिक शांति केवल सच्चे भक्ति मार्ग से ही मिल सकती है। संत ने बताया कि भक्ति कोई दिखावा नहीं, बल्कि दिल, वचन और कर्म से ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव है।
सच्चे हृदय से की गई भक्ति ही प्रभु को प्रिय होती है। भक्त को सदैव घमंड, ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार से दूर रहना चाहिए। भगवान केवल उसी के निकट आते हैं, जिसका अंत:करण शुद्ध और सरल हो। संत छवि रामदास ने कहा कि प्रभु की कृपा बिना जीवन अधूरा है और वह कृपा केवल निष्काम भक्ति से ही प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर प्रवेश, शिल्पा, शालिनी, अदिति, वीना, सनी, रिंपी, एकता मौजूद रहे। संवाद