गांव मोहना में तीन दिन पहले हुई मां-बेटी की हत्या के खुलासे से असंतुष्ट परिजन काफी संख्या में ग्रामीणों के साथ शनिवार को पूंडरी के विश्राम गृह पहुंचे। यहां पंचायत कर करनाल रोड पर जाम लगाने की रणनीति बनाई। इसके बाद ग्रामीण पूंडरी थाना की ओर रवाना हुए। भीड़ के कारण आंशिक तौर पर जाम लग गया। इससे पहले ग्रामीणों पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घटना के बाद स्थानीय विधायक रणधीर गोलन ने मौके पर पहुंचकर एसपी से फोन पर बातचीत कर सोमवार तक आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिलाया। उसके बाद ग्रामीण शांत हुए और घर की ओर रवाना हुए। इससे पहले शुक्रवार को भी सैकड़ों ग्रामीण पूंडरी थाना में परिवार के ही एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
तेरह अक्तूबर को गांव मोहना में गीता और उसकी बेटी की हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले में उसके देवर के नौकर इस्माइल अली को गिरफ्तार कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, लेकिन परिजन और ग्रामीण पुलिस के इस खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। आरोप है कि इस पूरी वारदात में उनके परिवार का एक व्यक्ति भी शामिल है, लेकिन पुलिस उसके बचाव का प्रयास कर रही है। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है।
यहां पहुंचे गांव मोहना के सरपंच रमित बोहरा, संजीव कुमारै लछमन आहूं, फूल सिंह, ईशम सिंह, सुरेंद्र छोटू, कृष्ण कुमार, रामदिया नंबरदार, गुरप्रीत विर्क, सरदार दलबीर सिंह, प्रदीप कुमार, मनोज कुमार व दर्जनों महिलाओं का कहना है कि इस घटना में परिवार के एक व्यक्ति की अहम भूमिका है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस इस व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार पुलिस थानों के चक्कर काट रहे है।
दर्जनों महिला सहित सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण शनिवार सुबह पूंडरी के विश्राम गृह में पहुंचे। उसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई।
विधायक रणधीर गोलन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिलाते हुए कहा कि गांव मोहना में हुई घटना दुखदायी है। वे लगातार एसपी से संपर्क में हैं। शनिवार को भी जनता के बीच में मौजूद होकर एसपी लोकेंद्र सिंह ने बातचीत की है। जिसमें कहा कि जो भी दोषी हो उसको बख्शा न जाए। उसे लूट का मामला न बनाकर जो वास्तव में हुआ है। जो गुनहगार है, उसे बख्शा न जाए। जिस पर एसपी ने जल्द आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। पुलिस जांच कर रही है।
दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह इस मामले में स्पष्ट कर चुके हैं कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। निर्दोष को पकड़ा नहीं जाएगा और दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।