ढांड। उत्तरी हरियाणा के विकास के लिए 1972 से स्थापित चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि महाविद्यालय कौल को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण को जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने एक मांग पत्र सौंपा है। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय के पास लगभग 200 एकड़ जमीन है। जिसमें लगभग 10 एकड़ में हरा भरा बाग है। अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त कृषि भूमि है। 10 से अधिक प्रयोग शालाएं है। इसके अलावा महाविद्यालय में स्कूल, कैंपस, खेल मैदान, होस्टल व अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध है। इसलिए कोई परेशानी नहीं आएगी।
कर्मबीर ने बताया कि विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद यहां कृषि के क्षेत्र में नए-नए आविष्कार होंगे। जिससे किसानों को उन्नत किस्म के बीज तथा नई-नई किस्मों की फसलें उगाने के अवसर मिलेंगे। कहा कि इसके लिए 54 गांवों की ग्राम पंचायतों ने भी प्रस्ताव पारित करके जिला परिषद के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम दिए हुए है। कौल ने कहा कि उनका यह प्रयास काफी दिनों से चल रहा है। जिसके लिए उन्होंने पूंडरी के विधायक सतपाल से लेकर मुख्यमंत्री को पहले से ही मांग पत्र सौंप चुके है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के पास चावल अनुसंधान संस्थान भवन आधुनिक तकनीक की प्रयोगशालाएं है। कौल ने कहा कि उतरी हरियाणा धान का कटोरा के नाम से जाना जाता है, लेकिन धान के बीज से लेकर उसके उत्पादन तक कृषि विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है। जिसके लिए किसानों को हिसार जाना पड़ता है। कौल में कृषि विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद किसानों की समस्याओं का समय पर निदान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि समय की मांग को देखते हुए यह कदम कृषि कल्याण, समाज कल्याण और छात्र कल्याण की प्रगति में निश्चित रूप से बहुत बड़ा कदम होगा जो कृषि व मौसम के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।