कलायत। रविवार सुबह कलायत के कपिल मुनि मंदिर परिसर में एक बंदर की मौत हो गई। मृत बंदर को कट्टे में डाल कर कचरे के ढेर में ही फेंक दिया गया। सोमवार सुबह आसपास के आवासीय
क्षेत्र में जब दुर्गंध फैली तो लोगों को काफी परेशानी हुई। यह जानकारी मिलने पर क्षेेत्रीय लोगों ने रोष जताया है।
नरेश वर्मा, लीला राम, तेजू राम, जगदीश रायका आदी ने बताया कि आ रही बदबू से सभी परेशान हो रहे थे। खोज की गई तो जानकारी मिली कि मंदिर के मुख्य गेट के पास रखे डस्टबिन में बंदर का शव मिला। उसी से दुर्गंध उठ रही थी। इसे देखते ही लोगों में मंदिर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी फैली गई। नरेश कुमार ने कहा कि अभी एक सप्ताह पूर्व ही भीम राव आंबेडकर मार्ग के पास मृत गोवंश के शव को कचरे में डालने पर विवाद हो गया था।
नगर पालिका अध्यक्ष शशिबाला कौशिक ने कहा कि यह मामला नगरपालिका के संज्ञान में ही नहीं है। यदि किसी बंदर की मौत हो गई थी, तो मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उसे बांध कर कूड़ेदान में फेंकने की बजाय नगरपालिका में सूचना देनी चाहिए थी।