कैथल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की ओर से जारी किए गए कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में जिले की बेटियों ने बाजी मारी। जिले का परीक्षा परिणाम 69.03 प्रतिशत रहा। जिले में पहले तीन स्थानों में चार लड़कियों और एक लड़के ने जगह बनाई है। गांव सिसमौर के सैनिक पब्लिक हाई स्कूल की छात्रा मंजू ने 497 अंक के साथ राज्य में दूसरा और जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
कैथल में 16863 विद्यार्थियों ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा दी थी। इनमें से 11641 छात्र-छात्राएं पास हुए। कुल विद्यार्थियों में से 1295 की कंपार्टमेंट आई, जबकि 3927 विद्यार्थी परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे।
अगर छात्र और छात्राओं के परिणाम की अलग-अलग बात करें तो जिले में छात्राएं अव्वल रहीं। कैथल में 7956 छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इनमें से 5763 पास हुईं, जबकि 634 की कंपार्टमेंट आई और 1559 लड़कियां परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहीं। लड़कियों का परीक्षा परिणाम 72.44 प्रतिशत रहा। वहीं जिले में 8907 छात्रों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 5878 छात्र पास हुए और 661 की कंपार्टमेंट आई। 2368 छात्र परीक्षा अनुत्तीर्ण रहे। लड़कों का परीक्षा परिणाम 65.99 प्रतिशत रहा।
साक्षी रही जिले में द्वितीय, नर्सिंग में लेगी दाखिला
गांव किठाना के किठाना पब्लिक स्कूल की छात्रा साक्षी ने जिले में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। छात्रा ने 500 में से 495 अंक प्राप्त किए। साक्षी ने बताया कि वह स्कूल के बाद भी घर पर कम से कम पांच घंटे रोजाना पढ़ती है। उसके पिता धर्मवीर एक दुकानदार हैं और मां मंजू देवी गृहिणी हैं। परिवार में एक बड़ी बहन शिवानी है और छोटा भाई रितेश है। शिवानी ने बताया कि वह अब नर्सिंग में दाखिला लेगी। भाई रितेश इसी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है।
केशव भी रहा दूसरे स्थान पर, वैज्ञानिक बनने का है सपना
बाल विकास पब्लिक स्कूल के छात्र केशव ने भी जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। छात्र ने 495 अंक प्राप्त किए। केशव के 80 वर्षीय दादा महेंद्र पाल रिटायर्ड शिक्षक हैं, जिन्होंने केशव को इस उपलब्धि तक पहुंचाया। केशव ने बताया कि स्कूल से आने के बाद घर पर उनके दादा ही उन्हें पढ़ाते हैं। पिता मंजीत भट्ट व मां मंजूबाला भी शिक्षक हैं। इसके अलावा परिवार में उसकी दो बहनें हैं, जिनमें से सबसे बड़ी बहन अंकिता एमएससी और दूसरी बहन मेघना बीएससी कर रही है। छात्र ने बताया कि अब वह विज्ञान विषय में पढ़ाई करेगा। उसका सपना वैज्ञानिक बनने का है।
स्नेहा रही जिले में तृतीय, बनना चाहती है आईएएस
सरस्वती हाई स्कूल सेगा की छात्रा स्नेहा ने 10वीं में 494 अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान हासिल कर अपने माता-पिता व स्कूल का नाम रोशन किया है। स्रेहा ने इसका श्रेय स्कूल प्रधानाचार्या प्रोमिला, प्रधान मेहर सिंह चहल व सभी अध्यापकों व अपने माता-पिता को दिया। स्नेहा ने बताया कि वह आईएएस अधिकारी बनना चाहती है। वह चार बहनों में सबसे छोटी है। उसके पिता पवन कुमार खेती बाड़ी करते हैं तो मां सरोज गृहिणी हैं। उसने कोई ट्यूशन नहीं लगाया। केवल स्कूल में अध्यापकों के मागदर्शन में ही कार्य किया। स्रेहा अपना आदर्श अपने दादा अमी लाल पूर्व सूबेदार को बताती है। अब वे नॉन मेडिकल की पढ़ाई करेगी।
जसनप्रीत भी रही तीसरे स्थान पर, सिर्फ पढ़ने के लिए किया मोबाइल का प्रयोग
सरस्वती हाईस्कूल बलबेहड़ा की छात्रा जसनप्रीत ने दसवीं में 494 अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान पाया। छात्रा ने बताया कि उसके पिता होशियार सिंह किसान हैं और मां कमलेश गृहिणी हैं। वे चार बहने हैं। दो उससे बड़ी हैं व एक छोटी है। उसकी बड़ी बहन सुनैना एमकॉम कर रही है। जसनप्रीत कौर प्रतिदिन स्कूल समय के बाद 5-6 घंटे पढ़ती थी। वह अपना आदर्श एसएसटी अध्यापक सतीश सिहाग को मानती है। उसने बताया कि वह मोबाइल से दूर रही व केवल जरूरत के अनुसार ही मोबाइल का प्रयोग किया। प्रधानाचार्य श्याम लाल शर्मा ने छात्रा व उसके अभिभावकों को बधाई दी।