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Kaithal News: ए पॉजिटिव और बी पॉजिटिव की मांग रोजाना 20 से 22 यूनिट , स्टॉक नहीं

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सरकारी अस्पताल में रक्तदान करता स्वास्थ्य कर्मचारी। स्वयं
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कैथल। जिले के तीनों ब्लड बैंकों के पास इस समय इमरजेंसी कोटे में भी खून का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं है। सिविल अस्पताल में जहां 150 से 200 यूनिट ब्लड हर समय मौजूद रहता था, वहीं शुक्रवार को यह मात्र 57 यूनिट ही था।
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शहर के दोनों प्राइवेट ब्लड बैंक में सिर्फ 10 से 12 यूनिट स्टॉक ही मौजूद था। सबसे ज्यादा किल्लत इस समय ए पॉजिटिव और बी पॉजिटिव की है और स्टॉक मांग का आधा भी नहीं है। सरकारी ब्लड बैंक में हर ग्रुप की कम से कम पांच यूनिट इमरजेंसी के लिए रखते थे लेकिन इस समय 4 ब्लड ग्रुप तो ऐसे हैं जिनका कोटा भी पूरा नहीं है। दो ग्रुप में सिर्फ 5-5 यूनिट ही स्टॉक में हैं। नोबल ब्लड बैंक के इंचार्ज प्रवीण कुमार और शाह कृष्णा धाम सेवा ब्लड बैंक के सुपरवाइजर कर्मबीर लोहान ने बताया कि इस समय डिमांड का आधा स्टॉक भी नहीं है।
सरकारी में 1100 और प्राइवेट में 1550 में मिलती है एक यूनिट
जो मरीज सरकारी अस्पताल में दाखिल होते हैं उन्हें सरकारी अस्पताल से ही ब्लड नि:शुल्क दिया जाता है। वहीं जो प्राइवेट में इलाज करवाते हैं उन्हें ये बाहर से लाना पड़ता है। इसके लिए प्राइवेट ब्लड बैंक एक यूनिट का सरकार की ओर से निर्धारित 1550 रुपये फीस लेते हैं।
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वीरवार को मेरी भाभी की सिजेरियन डिलीवरी होनी थी। निजी अस्पताल में डिलीवरी के लिए लेकर गए तो उन्हें दो यूनिट ब्लड लाने के लिए बोला गया। पहले वे प्राइवेट ब्लड बैंक में गए तो वहां ब्लड ही उपलब्ध नहीं था। फिर किसी तरह सरकारी अस्पताल से उन्हें ब्लड मिल सका। -रवि कुमार, ढांड।

सरकारी अस्पताल में रक्तदान करता स्वास्थ्य कर्मचारी। स्वयं

सरकारी अस्पताल में रक्तदान करता स्वास्थ्य कर्मचारी। स्वयं

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