फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान बोले किसी प्रकार की कमेटी पर नहीं करते विश्वास, सरकार करे बात

विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट द्वारा कृषि कानूनों के फैसले को लेकर किसान यूनियनों की चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसके बारे में किसानों का कहना है कि वह किसी प्रकार की कमेटी पर विश्वास नहीं करते। सुप्रीम कोर्ट ने कानूनों को होल्ड करने की बात कही है, इससे कोई निष्कर्ष नहीं निकलेगा। जब तक सरकार किसानों से सीधी वार्ता करके कानूनों को रद्द नहीं करती, तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा। किसानों की मीटिंग आज पांच बजे है, उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।
विज्ञापन

किसान नेता विक्रम कसाना ने कहा कि किसान अभी तक सुप्रीम कोर्ट गए ही नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जो चार सदस्यीय कमेटी बनाई है, वह पहले से ही सरकार के समर्थन में थे। किसानों की मांग सरकार से है सुप्रीम कोर्ट से नहीं। वह चाहते हैं कि इन कानूनों पर फैसला सरकार ही तय करे।
भाकियू के जिला प्रधान होशियार सिंह गिल ने कहा कि किसान सरकार से आमने-सामने की वार्ता करना चाहते हैं। किसान 26 जनवरी की तैयार को लेकर गांव गांव जाकर जागरूक कर रहे हैं। 24 जनवरी से पहले दिल्ली बॉर्डर धरना स्थल पर पहुंचने का न्यौता दे रहे हैं।
विज्ञापन

किसान सुभाष बड़सीकरी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का मान सम्मान करते हैं। किसानों ने भी मन बना लिया है, वह तीनों काले कानून वापस नहीं होंगे, तब तक किसानों धरना स्थल से नहीं उठेंगे। दिल्ली में इस समय 40 किसान यूनियन हैं, जैसे निर्देश होंगे, उनका पालन करेंगे।
किसान नेता भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि यदि सरकार किसानों की हिमायती है तो किसानों से सीधा बात करे, कोर्ट ने कौन सा कानून बनाए हैं। सरकार एमएसपी खरीद गारंटी कानून नहीं बनाती या इन कानूनों को रद्द नहीं करती तब तक किसान पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें