कैथल। यदि ऑनलाइन कोई व्यक्ति आपको कम निवेश (इन्वेस्टमेंट) में ज्यादा कमाई का लालच दे रहा है या खुद को आपका जानकार बताकर किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कह रहा है, तो सावधान हो जाइए। जिले में साइबर अपराधी इस वर्ष अब तक लोगों की 8.73 करोड़ रुपये की मेहनत की पूंजी ठग चुके हैं। पुलिस भले ही सख्त कार्रवाई का दावा करती हो, लेकिन रिकवरी के मामले में नतीजे बेहद कमजोर हैं। करोड़ों की ठगी में से पुलिस सिर्फ 65.56 लाख रुपये ही वापस ला पाई है।
जिला पुलिस ने इस साल साइबर ठगी के 178 मामले दर्ज किए हैं और 57 अपराधियों को गिरफ्तार भी किया है। बावजूद इसके, साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों की जेबें साफ करते जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इनवेस्टमेंट स्कैम सबसे ज्यादा बढ़े हैं, जबकि कई मामलों में ठग खुद को रिश्तेदार, जानकार या अधिकारी बताकर पासवर्ड, ओटीपी और बैंक डिटेल उगलवा रहे हैं।
लोगों को लगातार शिविरों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है, लेकिन लालच, लापरवाही और ऑनलाइन भरोसा कई बार भारी पड़ रहा है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी जरूरी है।
सावधानी के तौर पर ये करें
साइबर फ्रॉड इंटरनेट के माध्यम से किया जाने वाला अपराध है, जिसमें अपराधी लोगों को धोखा देकर उनके पैसे या संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं। फिशिंग, मैलवेयर, हैकिंग, नकली वेबसाइट और फर्जी कस्टमर केयर इसका प्रमुख हथियार हैं।
पुलिस की सलाह
मजबूत पासवर्ड बनाएं, जिसमें अक्षर, नंबर व सिंबल शामिल हों।
एक ही पासवर्ड का दोबारा उपयोग न करें।
मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
मोबाइल व कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर नियमित अपडेट करें।
अनजान ऐप, ईमेल या मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें।
अपना ओटीपी, पासवर्ड या बैंक डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
जिले में साइबर ठगी के हाल के मामले
ज्यादा कमाई के लालच में गए 79 लाख
साकरा के एक हैफेड कर्मचारी के व्हाट्सएप पर संदेश आया। उसे कम समय में अधिक कमाई का लालच दिया गया। रिव्यू देने और कार्य करने के नाम पर उसके करीब 79 लाख रुपये ठग लिए गए। जब उसने राशि वापस निकालनी चाही तो पैसे नहीं मिले।
नौकरी दिलाने के नाम पर 40 हजार गंवाए
एक महिला को 30 मई को एक अनजान शख्स का फोन आया, जिसने प्राइवेट कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसके दस्तावेज और बैंक की जानकारी ली गई। खाते में पहले पैसे जमा करवाने को कहा। उसकी बातों में आकर महिला ने 40 हजार रुपये भेज दिए, जो बाद में पूरी तरह निकाल लिए गए।
खाते से 8,79,999 रुपये उड़ाए
खुराना रोड निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसके एचडीएफसी बैंक खाते से ईएमआई कटौती का संदेश आया। बैंक स्टेटमेंट निकालने पर पता चला कि 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच खाते से 8,79,999 रुपये किसी ने निकाल लिए थे।
सतर्क रहें, साइबर ठगी से बचें : एसपी
एसपी उपासना यादव ने बताया कि पुलिस लगातार जागरूकता शिविरों के माध्यम से लोगों को सचेत कर रही है और साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सतर्क रहें, किसी भी लिंक, कॉल या लालच पर भरोसा न करें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।