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प्रशासन की शिकायत के बाद सीएससी कंपनी के कर्मचारी की छुट्टी

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जिला रोजगार कार्यालय में बेरोजगारों के भत्ते को हड़पने के मामले में संदिग्ध भूमिका के चलते सीएससी कंपनी के जिला प्रभारी पद से एक कर्मचारी की छुट्टी कर दी गई है। यह कर्मचारी पूरे जिले के कॉमन सर्विस सेंटरों के समन्वय का काम देखता था। इस कर्मचारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिला प्रशासन ने कंपनी को कर्मचारी की संदिग्ध भूमिका के बारे में लिखा था।
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जिला रोजगार कार्यालय में बेरोजगारों को दिए जाने वाले भत्ते में लाखों रुपये की गड़बड़ी हुई है। अंदर खाने विभाग ने लाखों रुपये की रिकवरी भी कर ली है और आगामी कार्रवाई के लिए विभाग के आला अधिकारियों को सूचना दे दी है।
जिला रोजगार कार्यालय ने डीसी सहित अपने विभाग कार्यालय को पत्र लिखकर बेरोजगार भत्ते में हुई गड़बड़ी की जानकारी दी थी। इसके बाद विभाग की टीम ने कैथल का दौरा कर आवश्यक जानकारी भी जुटाई है। मामले की जांच तो की जा जा रही है। लेकिन इसका खुलासा नहीं किया जा रहा।
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जिला रोजगार कार्यालय के अधिकारी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। बार-बार जानकारी लेने के लिए प्रयास किए जाने के बावजूद कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही। जिस कारण सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पूरे मामले की जानकारी क्यों नहीं दी जा रही। क्या इस मामले में जिला रोजगार कार्यालय के कर्मचारियों की भी मिलीभगत है। क्या अधिकारी कुछ छुपाने का प्रयास कर रहे हैं। आखिर दस दिन से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद विभाग मुख्यालय स्तर पर भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। यदि की जा रही है तो उसका खुलासा क्यों नहीं किया जा रहा। सरकारी पैसा, वह भी उन बेरोजगारों का, जिनके पास काम नहीं है, उसे अपने खातों में हड़प लेना क्या गंभीर अपराध नहीं है। क्या विभागीय अधिकारी लीपापोती में जुटे हुए हैं? क्या महज रिकवरी करवा लेना ही इतने बड़े अपराध पर पर्याप्त कार्रवाई है। कार्यालय में कितने लाख की गड़बड़ी हुई है। इसमें से कितनी रिकवरी की जा चुकी है। किस-किस की भूमिका संदिग्ध है। इन सारे सवालों के जवाब जिला रोजगार अधिकारी कार्यालय की ओर से दिए जाने हैं। जिनके संबंध में विभागीय अधिकारी व कर्मचारी पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
उधर, जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार डीसी ने सीएससी कंपनी के एक कर्मचारी के संबंध में पत्र लिखा था कि इसकी भूमिका जिला रोजगार कार्यालय में हुई गड़बड़ी में संदिग्ध है। कंपनी ने उक्त कर्मचारी की एक तरह से छुट्टी कर दी है। हालांकि बताया जा रहा है कि कर्मचारी ने खुद ही इस्तीफा दिया है। सूत्रों के अनुसार इस कर्मचारी के कई जानकारों की सीएससी हैं, जिनकी भूमिका भी इस मामले में पूरी तरह से संदिग्ध है।
डीसी प्रदीप दहिया ने महज इतना बताया कि उन्होंने विभाग मुख्यालय को पत्र भेज दिया है। गड़बड़ी संबंधी जानकारी मिली थी। सीएससी कंपनी का एक कर्मचारी नौकरी छोड़ गया है। इसके लिए कंपनी को लिखा गया था कि संदिग्ध भूमिका के चलते ऐसे कर्मचारी की यहां जरूरत नहीं है।
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