हरियाणा के कैथल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायालय डॉ. गगनदीप कौर सिंह की अदालत ने एक किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर चार महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
इस संबंध में पीड़ित बच्ची के पिता ने थाना चीका में आईपीसी की धारा 376/3 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4/2 के तहत 11 जुलाई 2022 को केस दर्ज करवाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी करते हुए जिला उप न्यायवादी मुकेश कुमार ने बताया कि घटना के दिन शिकायतकर्ता की बेटी की उम्र करीब 15 वर्ष नौ महीने थी।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार 10 जुलाई 2022 को रात करीब 10 उसकी बेटी अपने मकान से बाहर एक खंडहर जगह पर लघु शंका करने के लिए गई थी। वहां पर दीपू ने उसकी बेटी को जबरदस्ती पकड़ कर उसके साथ दुष्कर्म किया। अगली सुबह ये सारी बातें किशोरी ने शिकायतकर्ता की पत्नी को बताई और उसकी पत्नी ने ये सारी बातें उसे बताई।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसकी बेटी के साथ दीपू ने उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरदस्ती गलत काम किया है। पुलिस ने केस दर्ज करके दीपू को गिरफ्तार कर लिया व लड़की का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। इसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। लड़की की महिला सेल में काउंसलिंग करवाई व न्यायाधीश के समक्ष उसके बयान कलमबद्ध करवाए।
पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में प्रस्तुत किया। एडीजे डॉ. गगनदीन कौर सिंह ने दोनों पक्षों कां गौर से सुना व गवाहों और सबूतों की रोशनी में दीपू को दोषी पाया। अदालत ने उसे 20 साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।