वर्ष 2017 में लूट के इरादे से किराये पर ली गई टैक्सी के चालक संदीप की हत्या के दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने चारों दोषियों मोहित, साहिल, विक्रम और संजीव को उम्र कैद और 21-21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि अपराध क्षमा योग्य नहीं है।
इस बारे में अवतार सिंह निवासी कैथल ने थाना शहर में धारा 201, 302, 120 बी, 394 आईपीसी के तहत 30 दिसंबर 2017 को मुकदमा नंबर 591 दर्ज करवाया था। जिला न्यायवादी मैनपाल सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता अवतार सिंह का खेत पट्टी अफगान के नजदीक ड्रेन के साथ लगता है। 30 दिसंबर 2017 की सुबह करीब 9:30 बजे वह अपने खेत में आया था।
शौच करने के बाद वह हाथ धोने के लिए ड्रेन के अन्दर गया तो देखा कि ड्रेन के किनारे के पास एक लड़के का शव पड़ा था। उसने फोन कर पड़ोसी सुरेश को बुलवाया। इसके बाद सुरेश ने सीआईए के दर्शन को फोन से जानकारी दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का निरीक्षण किया। उसके गले पर रस्सी या तार के निशान थे तथा दाहिने हाथ की कलाई पर डीएस राणा गुदा था। पुलिस ने शक जताया कि युवा को गला घोंटकर मारने के बाद शव छिपाने के लिए ड्रेन में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
31 दिसंबर को शव की पहचान संदीप (25) निवासी रायखेड़ी (सहारनपुर) के रूप में हुई। पुलिस ने वाट्सएप की जानकारी के आधार पर आरोपियों को पकड़ लिया। इनमें मोहित निवासी माघो माजरी, संजीव निवासी गांव माघो माजरी और साहिल निवासी रामनगर कैथल शामिल थे।
पूछताछ के दौरान विक्रम ने बताया कि वे चारों अच्छे दोस्त हैं और रातों-रात अमीर बनने का सपना देख रहे थे। इस बीच उन्होंने लूट की योजना बनाई। योजना के अनुसार वे चंडीगढ़ से एक टैक्सी किराए पर लेंगे और बीच रास्ते टैक्सी चालक को मारकर टैक्सी लूट लेंगे तथा टैक्सी को बेचकर पैसे आपस में बांट लेंगे। योजना के अनुसार चारों ने चंडीगढ़ से एक टैक्सी कैथल के लिए किराए पर ली और बीच रास्ते में ईस्माइलाबाद के पास टैक्सी रुकवा कर रस्सी से गला दबाया और चालक की हत्या कर दी तथा टैक्सी को लेकर फरार हो गए।
चारों ने योजना के अनुसार कैथल के पास ड्रेन में चालक के शव को सबूत मिटाने के लिए फेंक दिया। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। स्टेट की तरफ से डीडीए सुखदीप सिंह मुकदमे में पेश हुए। एडीजे अमित गर्ग ने दोनों पक्षों को गौर से सुनने के बाद चारों को दोषी पाया व उसे उम्र कैद व सभी को 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।