हरियाणा के कैथल में सेशन जज रितु वाईके बहल की अदालत ने स्नेचिंग के केस में दो दोषियों को पांच-पांच साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दो दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इस संबंध में एडवोकेट ज्ञान चंद गुप्ता ने थाना चीका में मुकदमा नंबर 104 दर्ज करवाया था। स्टेट की ओर से केस की पैरवी उप जिला न्यायवादी जसबीर ढांडा ने की। केस फाइल के हवाले से जसबीर ढांडा ने बताया कि 23 अप्रैल 2023 को करीब 12:30 बजे एडवोकेट ज्ञान चंद गुप्ता अपने कार्यालय से घर वापस आ रहे थे।
जब वे बस से उधम सिंह चौक चीका की तरफ डिवाइडर के पास पहुंचे तो दो अंजान युवक मोटरसाइकिल पर पीछे से आए और कहने लगे कि आपको गुरविंद्र सर ने आवाज दी थी, आप क्यों नहीं रुके।
इस पर वकील ने कहा कि गुरविंद्र सर कौन हैं तो उन्होंने कहा कि किसी औरत का जेवर खो गया है उसकी तलाश कर रहे हैं। वकील ने कहा कि मुझे कुछ नहीं पता। इसके बाद बदमाशोंं ने वकील के हाथ में अंगूठी देखी और जबरदस्ती उनकी उंगली से अंगूठी छीन कर मोटरसाइकिल पर कैथल की तरफ फरार हो गए।
बाद में दोनों बदमाशों की पहचान बलजीत और भारत भूषण निवासी समाना जिला पटियाला के रूप में हुई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चालान बनाकर उन्हें अदालत के सुपुर्द कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों को गौर से सुनने के बाद बलजीत और भारत भूषण को स्नेचिंग का दोषी पाया व दोनों को पांच-पांच साल के कारावास और 10-10 हजार पर जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर दोनों छह-छह माह की सजा और भुगतनी पड़ेगी