हरियाणा के कैथल जिले के गांव बरसाना-हाबड़ी मार्ग पर पराली के ढेर में जला दी गई। प्रियंका की हत्या उसके पति ने पति-पत्नी के बीच के विवाद व चरित्र पर संदेह के कारण की थी। यह खुलासा डीएसपी ने मीडिया से बातचीत में किया। हत्या के लिए वह अपनी पत्नी को दोबारा से प्रेम-विवाह करने पर सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की राशि दिलवाने का लालच देकर खेतों में ले गया। जहां बात-बातों में उसने महिला के हाथ पैर बांधे। फिर ईंट से सिर पर हमला करके व ट्यूबवेल के हौद से सिर भिड़ाकर अधमरा कर उसे पराली के ढेर में जला दिया।
पूछताछ में पता चला कि मृतका प्रियंका व सलिंद्र की शादी 2010 में हो चुकी थी लेकिन हत्या करने से पूर्व आरोपी सलिंद्र ने उसकी पत्नी प्रियंका को प्रेम विवाह करने पर 5 लाख रुपये मिलने का झांसा देकर उसे करनाल कोर्ट परिसर में भी लेकर गया था। इससे पहले महिला को विवाह की औपचारिकताएं पूरी करने का हवाला देकर गांव नेवल भी ले गया था।
करनाल से आने के बाद उसे गांव बरसाना के खेतों में रोक लिया। जहां देर रात तक खेतों में आग जलाकर सेंकते हुए उसे अपनी बातों में उलझाता रहा वहीं पर आरोपी ने महिला के साथ जलपान किया। बाद में शराब पीकर महिला के हाथ पैर बांधें। इसके बाद ईंट से उसके सिर में हमला किया। बाद में ट्यूबवेल के हौद से भिड़ाकर उसे अधमरा करते हुए पराली के ढेर में रखकर आग लगा दी।
उसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। अगले दिन देर सायं पुलिस को इस बात की जानकारी मिली। डीएसपी ने बताया कि मामले में पुलिस ने आरोपी सलिंद्र का 29 जनवरी तक पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। इस दौरान आरोपी से वारदात में प्रयोग की गई मोटरसाइकिल, कपड़े और अन्य सामान बरामद करने के लिए पूछताछ की जाएगी। वारदात में कोई अन्य आरोपी भी शामिल है या नहीं, इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।
डीएसपी ने बताया कि आरोपी सलिंद्र ने गहन पूछताछ उपरांत बताया कि उसने और प्रियंका ने प्रेम विवाह किया था। शादी के करीब 6 महीने बाद उसका व प्रियंका का पारिवारिक बातों को लेकर झगड़ा रहने लगा था। उसकी पत्नी सारा दिन घर से बाहर रहती थी और पूछने पर लड़ाई-झगड़ा करती थी। उसे शक था कि उसकी पत्नी प्रियंका चरित्रहीन औरत है और उसके कई व्यक्तियों के साथ फ्रेंडशिप व अवैध संबंध हैं। उसकी पत्नी प्रियंका के कारण उसकी आस पड़ोस व समाज में काफी बदनामी हो रही थी।
उसने अपनी बदनामी से बचने के लिए अपनी पत्नी प्रियंका को जान से मारने की ठान ली। 18 जनवरी को वह शाम के समय प्रियंका को बहला फुसला कर विश्वास में लेकर अपने चाचा बाबूराम के खेतों में ले गया। अपनी योजना के अनुसार उसने मौका पाकर उसके हाथ पांव बांध दिए और ट्यूबवेल की हौद पर सिर मार कर व ईंट से वार करके बेहोश कर दिया था। इसके बाद पराली के ढेर में डालकर आग लगा दी थी।