सहकारी परियोजना में घोटाले का आरोपी अतिरिक्त रजिस्टार गिरफ्तार हो गया है। कैथल एसीबी ने कार्रवाई करते हुए यमुनानगर स्थित एक ढाबे से काबू किया है। आरोपी जितेंद्र कौशिक पिछले करीब पांच साल से कैथल में कार्यरत था।
सहकारी परियोजना में घोटाले के आरोपी अतिरिक्त रजिस्टार जितेंद्र कौशिक को कैथल की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार किया है। साथ ही आरोपी को न्यायालय में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
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गौरतलब है कि एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के तहत केंद्र सरकार ने 2021-2022 में जिले के लिए चार करोड़ 40 लाख रुपये की ग्रांट दी थी। योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार दिया जाता है। इसके साथ ही पैक्स सहित गांवों में बनी सहकारी समितियों में सुविधाएं व अन्य सामान दिया जाता है। इसके तहत यहां पर भवन निर्माण, गोदाम निर्माण, फर्नीचर सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।
जितेंद्र कौशिक 2019 से बतौर अतिरिक्त रजिस्टार कार्यरत था, जो पिछले करीब पांच साल से समिति के महाप्रबंधक की भी जिम्मेदारी संभाल रहा था। आरोपी ने कितनी राशि का घोटाला किया है, अभी इस संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस पर एसीबी की टीम लगातार जांच कर रही है। इस मामले में जिले में एक और आरोपी है, जो फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिश दी जा रही है।
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सहकारी परियोजना में घोटाला करने के आरोप में अंबाला थाने में वर्ष 2021 में एक केस दर्ज हुआ था। इस मामले में कैथल के साथ-साथ लगते जिलों में कार्यरत अधिकारियों पर गबन करने के आरोप थे। इन आरोपों के तहत कैथल में कार्यरत सहकारी समिति के अतिरिक्त रजिस्टार जितेंद्र कौशिक को वीरवार देर रात यमुनानगर में एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया है। उसे शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर दो दिन के रिमांड लिया गया है। आरोपी जितेंद्र पर केंद्र सरकार की ओर से जारी ग्रांट में फर्जी बिल बनाकर गड़बड़ी करने का आरोप हैं। उसने कितने रुपयों की गडबड़ी की है, इस पर जांच की जा रही है। -सूबे सिंह, इंस्पेक्टर , एंटी करप्शन ब्यूरो, कैथल।