न्यायाधीश एएसजे जयबीर सिंह की अदालत ने शहर में प्रतिष्ठित लोगों को लड़कियों की माध्यम से जाल में फंसाकर दुष्कर्म के आरोप लगाकर वसूली करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को सात साल कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में चार महिलाएं हैं। दोषियों में एक समझौते के नाम पर वसूली करने वाला सब इंस्पेक्टर आजाद सिंह भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण मुरारी ने बताया कि गांव संधौली वासी एक व्यक्ति की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार 8 जून, 2015 को एक लड़की ने उससे जान-पहचान बनाई। शिकायतकर्ता के अनुसार कैथल आकर उस लड़की ने उसके साथ संबंध स्थापित किए।
बाद में उस लड़की की सहेली ने उसे फोन करके दुष्कर्म के आरोप में केस दर्ज करवाने की धमकी दी। इस लड़की ने उसे कैथल बुलाकर यहां सबइंस्पेक्टर आजाद सिंह से मिलवाया। उसने उसे खुद को एसपी का रीडर बताकर मुकदमा दर्ज करने का भय दिखाकर 20 लाख रुपये मांगे। बाद में आठ लाख में समझौते की बात हो गई।
इस मामले में गिरफ्तार आजाद सिंह वासी इगराह जिला जींद तथा पिहोवा वासी तीन युवतियों मंदीप कौर, कंचन, गीता उर्फ पूनम को गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्जे से ऐंठी गई नकदी बरामद कर ली गई। सबूत जुटाने के बाद मामला अदालत के सुपुर्द कर दिया गया। इस मामले में चारों को सात-सात साल की सजा सुनाई है।
इसी तरह के एक अन्य मामले में थाना कलायत के एक गांववासी संत ने भी शिकायत दी थी कि सेरधा वासी मंजीत कौर उसे बातों में फंसाकर एक अन्य महिला पिहोवा निवासी गीता के साथ पंचकूला ले गई। जहां डोनेशन लेने के बहाने उसकी अश्लील फोटो खींच ली। बाद में दो लड़कों ने उनके मोबाइल में अश्लील फोटो दिखाकर बदनाम करने की धमकी दी और जेब से जबरन एक लाख व गले से माला निकाल ली।
आरोपी गांव में बदनाम करने की धमकी देते हुए ब्लैकमेल करके 30 लाख रुपये मांगने लगे। मंजीत के मकान पर सात लाख रुपये देने उपरांत भी आरोपी कभी एक लाख रुपये तथा कभी दो लाख रुपये ले जाते रहे। इस मामले में एक दिन आजाद सिंह कथित जांच करने के नाम पर मोबाइल में फोटो दिखाकर कहने लगा कि समझौता कर लो वह दरखास्त दबा लेगा, जिसको उसने चार लाख रुपये दे दिए।
इस प्रकार आरोपियों ने उसको ब्लैकमेल करते हुए करीब 18 लाख रुपये हड़प लिए। 21 जून, 2015 को इस मामले में पुलिस ने आरोपी सबइंस्पेक्टर आजाद सिंह इगराह, विरेंद्र सिंह उर्फ बिल्लू वासी डिफेंस कॉलोनी कैथल, गीता वासी पिहोवा व मंजीत कौर सेरधा को गिरफ्तार कर हड़पी गई अधिकतर नकदी बरामद कर ली तथा ठोस सबूत जुटाने उपरांत मामला अदालत के सुपुर्द कर दिया गया।
साथ-साथ चलेंगी सभी सजा
न्यायाधीश एएसजे जयबीर सिंह की अदालत ने सोमवार को दोनों मामलों में सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। धारा 384 के तहत सभी आरोपियों को तीन साल कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 388 के तहत सात साल कारावास, 10 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास, तथा सभी को दोनों मामलों में सात पीसी एक्ट के तहत तीन साल कारावास पांच हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। दोषी आजाद सिंह को दोनों मामलों में 13 पीसी एक्ट के तहत पांच-पांच साल की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास तथा तीनों महिलाओं को दोनों मामलों में 12 पीसी एक्ट के तहत 3-3 साल की कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा।