दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश अराधना साहनी की अदालत ने तीन साल छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर 9 माह में अदालत ने मामले में यह फैसला सुनाया है। आरोपी को 7 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है।
जुर्माना अदा न करने पर उसे 3 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना शहर की महिला हैड कांस्टेबल कुलदीप कौर ने 29 मार्च को आरोपी नरेश उर्फ निक्का निवासी ओढ़ा वाली गामड़ी खुराना रोड कैथल को विभिन्न धाराओं तहत गिरफ्तार किया था।
उस पर पड़ोस की एक कॉलोनी वासी करीब 14 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप था। नाबालिगा की शिकायत के अनुसार 26 मार्च को उसके माता-पिता मजदूरी के लिए गए हुए थे। वह घर पर अकेली थी।
दोपहर के समय आरोपी नरेश उर्फ निक्का घर की छत से उसके घर आया तथा चुपके से उसका मुंह दबा कर दुष्कर्म के प्रयास में नाबालिग को निर्वस्त्र करने का प्रयास करने लगा। लेकिन उसने मुश्किल से खुद को उसके चंगुल से छुड़वाया।
थाना प्रबंधक शहर कैथल इंस्पेक्टर विरेंद्र सिंह की अगुवाई में मामले की जांच तेजी से 11 दिन में पूरा करते हुए पुख्ता सुबूत जुटाकर मामला 8 अप्रैल को अदालत के सौंप दिया गया। प्रवक्ता ने बताया एएसजे अराधना साहनी की अदालत से फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर मामले की सुनवाई करते हुए दोषी नरेश उर्फ निक्का को 3 वर्ष 6 महीने का कारावास व 7 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।