हरियाणा के कैथल में पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी दंपती ने युवती के परिवार से सात लाख रुपये हड़प लिए। राजौंद थाना पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर है। गांव कोटड़ा निवासी ज्योति ने पुलिस को शिकायत दी कि वह कैथल के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। कॉलेज में एनसीसी परेड के दौरान उसे गांव चमार खेड़ा जिला हिसार निवासी रमेश मिला।
वह उससे पूछने लगा कि क्या उसने हरियाणा पुलिस भर्ती के लिए आवेदन किया हुआ है, तो उसने हामी भर दी। उक्त व्यक्ति ने उससे कहा कि वह उसको पुलिस में लगवा देगा, क्योंकि उसकी हिसार सीआईए में सब इंस्पेक्टर के पद पर ड्यूटी है। आरोपी ने पुलिस की वर्दी की फोटो भी दिखाई।
उस ने उसका मोबाइल नंबर भी ले लिया। कुछ समय बाद आरोपी ने उसे पुलिस में भर्ती करवाने के लिए दस्तावेज मांगे। विश्वास करके आरोपी को अपने दस्तावेज भेज दिए। बाद में आरोपी ने कहा कि उसका पुलिस भर्ती में काम पक्का हो गया है और उससे पुलिस वर्दी का माप मंगवाया। आरोपी ने पुलिस में लगवाने के लिए सात लाख रुपये मांगे। उसने अलग-अलग समय में आरोपी के पास सात लाख रुपये भेज दिए।
इस पर आरोपी ने कहा कि अगर उसका काम इस भर्ती में नहीं हुआ तो वह 2018 की भर्ती में काम करवा देगा, क्योंकि इस भर्ती में कुछ सीटें खाली हैं। साथ ही कहा कि उसकी घरवाली काजल का मामला सिलेक्शन कमीशन बोर्ड में लगा है, जो उसका डायरेक्ट फिजिकल दिखाकर भर्ती करवा देगा। कुछ महीने इंतजार करने के बाद जब उसने आरोपी को फोन किया तो वह तरह-तरह के बहाने बनाने लगा।
जब शिकायतकर्ता को उस पर शक हुआ और रुपये वापस मांगे तो उसने फोन पर जवाब दिया कि पुलिस भर्ती फर्जीवाड़ा में उसके पीछे पुलिस लगी हुई है। पुलिस से बचने के लिए वह इधर-उधर घूमता फिर रहा है। उसने आरोपी की पत्नी काजल से बातचीत की तो उसने कहा कि वह उसके सारे रुपये वापस करवा देगी। इस तरह के बहाने बनाकर आरोपियों ने इतना समय निकाल दिया।
अब रुपये मांगने पर धमकी दे रहा है कि अगर बार-बार पैसे मांगने का दबाव बनाया तो वह जहर खाकर मर जाएगा और उसके बाद उल्टे ही शिकायतकर्ता का परिवार फंस जाएगा। ऐसा करके आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उनके साथ सात लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। जांच अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।