रहमत ग्रुप ऑफ एजूकेशन के संचालक विजेंद्र के खिलाफ 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज
संस्था के प्रधान ने दर्ज करवाया मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। करनाल रोड पर पूर्व में चल रहे रहमत ग्रुप ऑफ एजुकेशन के संचालक विजेंद्र सिंह के खिलाफ सेंटर संचालन समिति के प्रधान महेंद्र सिंह ने 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज करवाया है।
रहमत ग्रुप ऑफ एजुकेशन रजिस्टर्ड संस्था के प्रधान महेंद्र सिंह ने सिविल लाइन पुलिस को दी शिकायत में बताया कि विजेंद्र ने उसके भवन को 2010 मेें कोचिंग सेंटर चलाने के ले किराए पर लिया था। बाद में विजेंद्र ने प्रार्थी को सब्जबाग दिखाकर एक संस्था रहमत ग्रुप ऑफ एजुकेशन रजिस्टर्ड के नाम से बना ली। जिसमें उसे प्रधान बना दिया व खुद सचिव बन गया। लेकिन असल में सारा काम विजेंद्र खुद ही करता था। महेंद्र सिंह ने कहा कि उसे तो केवल खाली चेकों पर कर्मचारियों की तनख्वाह देने के नाम पर व लोगों को सामान की पेमेंट के भुगतान के नाम पर साइन करवा लेता था। विजेंद्र सिंह ने उसे विश्वास में लेकर उसकी घर की जमीन पर लोन लेकर वह पैसा अपना मकान बनाने के लिए इस्तेमाल किया और प्रार्थी को विश्वास दिलवाया कि वह बैंक की किश्त स्वयं भरता रहेगा। लेकिन आरोपी ने बैंक का पैसा नहीं भरा और बाद में उसे एक चेक 55 लाख रुपये का दे दिया। जो बाउंस हो गया। आरोपी ने उसके साइन किए हुए चेकों में से 15 लाख रुपये का एक चेक सतीश कुमार निवासी गांव मानस, एक चेक 22 लाख रुपये का राममेहर निवासी बालू को, एक चेक 24.65 लाख रुपये का राजबीर निवासी गांव छौत, एक चेक 6 लाख रुपये का रामकिशन निवासी गांव चंदाना को दे दिए। जो बाद में बाउंस हो गए। इन सभी ने मिलकर उसके खिलाफ केस दायर किया है। जिसमें एक वकील ने भी उसका साथ दिया है।
सिविल लाइन एसएचओ धर्मपाल ने बताया कि पुलिस ने विजेंद्र सिंह, जे नारायण अत्रेय निवासी गांव भाणा, सतीश कुमार निवासी गांव मानस, राममेहर निवासी पट्टी रापड़िया निवासी गांव बालू, रामकिशन निवासी गांव चंदाना के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। अब यह बात पुलिस जांच में ही सामने आएगी कि विजेंद्र पर लगाए गए आरोप सच हैं या नहीं, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नहीं हुआ संपर्क : इस संबंध में संचालक विजेंद्र सिंह से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। जब कभी भी वे अपना पक्ष रखेंगे तो हम उसे भी प्रकाशित करेंगे।