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मौत से महज से महज पांच मिनट पहले हुई थी कर्मजीत की मां से बात

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वीरवार रात को सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवक राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खेल चुके थे। दोनों ने करीब 18 स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए हैं। मृतक गुलियाणा निवासी कर्मजीत की तो हादसे से महज पांच मिनट पहले बात हुई थी। जिसमें मां ने पूछा था कि बेटा कब आओगे? बेटे ने कहा कि जल्द ही आ जाएंगे, लेकिन क्या पता था कि यह उसकी मां से आखिरी बात होगी।
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वीरवार रात को गांव गुलियाणा निवासी 25 साल के कर्मजीत व 24 साल के किठाना निवासी गुरमीत की मौत हो गई। दोनों के साथ खेलने वाले कबड्डी खिलाडी सुमित ने बताया कि दोनों दोस्तों ने एक साथ दस साल पहले कबड्डी खेलना शुरू किया था। कड़ी मेहनत की दम पर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने शुरू किए। उनका लक्ष्य था कि वह प्रो-कबड्डी में खेलें।
गुलियाणा निवासी कर्मजीत भी कबड्डी खेलने के लिए रोजाना सरकारी स्कूल किठाना में पांच किलोमीटर दूर आता था। हादसे के समय गाड़ी में सवार फौजी मनोज, कर्मजीत, गुरमीत, व रोहताश सभी नेशनल कबड्डी एक साथ खेलते थे। वहीं विरेंद्र क्रिकेट का खिलाड़ी है। हादसे के समय कार चला रहे चालक फौजी मनोज भी नेशनल कबड्डी के दम पर ही फौज में भर्ती हुए हैं। वह 10 दिन की छुट्टी लेकर आया हुआ है।
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किठाना निवासी गुरमीत खेलों के साथ-साथ पढ़ाई करता था। उसके पिता रामकुमार खेती बाड़ी का काम करते हैं। कर्मजीत का छोटा भाई रणदीप व एक बहन है। जबकि गुलियाना निवासी मृतक कर्मजीत पढ़ाई व खेल के साथ-साथ घर का खेती बाड़ी करके साथ में ही घर का पालन-पोषण कर रहा था। उसके पिता रामफल की बीमारी के चलते करीब 12 साल पहले ही मौत हो चुकी थी। उसका छोटा भाई मानसिक रूप से परेशान है।
घटना से पांच मिनट पहले कर्मजीत की माता ने फोन करके पूछा था कि बेटा कितनी देर में घर आ रहे हो? उसने कहा कि वह पांच मिनट में आ जाएगा। इसके बाद एक घंटा तक भी मां इंतजार करती रही। लेकिन बेटा वापस नहीं लोटा। उसके बाद सूचना मिली की बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई है।
दोनों कबड्डी खिलाड़ियों ने प्रदेश स्तर पर महेंद्रगढ़ की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। लजवाना कलां में वे टीम के साथ दूसरे स्थान पर रहे। राजस्थान के सालासर में प्रथम स्थान हासिल किया था। रेवाड़ी में नेशलन स्तर पर कबड्डी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान, झारखंड के बुकारो की नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता में क्वार्टर फाइनल तक खेले। दोनों खिलाड़ी रेडर के तौर पर टीम में शामिल थे।
कबड्डी खिलाड़ियों ने बताया कि उनके व्हाट्सएप और फेसबुक पर कई ग्रुप बने हुए हैं। जिस पर रात का फोटो अपलोड किया गया। दोनों का चेहरा खून से सना था, जिसके बाद उन्होंने दोनों के घर से सूचना ली और सभी अस्पताल पहुंचे, जहां पता चला कि दोनों की मौत हो चुकी है।
देर रात्रि दोनों खिलाड़ी लाइब्रेरी से पढ़कर दोस्त मनोज की कार में सवार होकर घर की तरफ निकले थे। अचानक देवबन नहर के नजदीक कार का पिछला टायर फट गया। कार का संतुलन बिगड़ गया। कार का पिछला हिस्सा घूम कर सफेदे से जा टकराया। मनोज ने हैंड ब्रेक लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्पीड में होने के कारण कार नहीं रूकी। हादसे में पिछली सीट पर बैठे 25 वर्षीय कर्मजीत व गुरमीत की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि मनोज, विरेंद्र व रोहताश घायल हो गए। पुलिस ने 174 की कार्रवाई की है।
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