संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने क्षय रोग के संदर्भ में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर बताया गया कि दो हफ्ते से ज्यादा खांसी ठीक न होना क्षय रोग की निशानी हो सकती है। ऐसे में जांच कराकर इलाज कराना चाहिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अनिल कुमार, जितेंद्र सिंह स्वास्थ्य निरीक्षक ने हिस्सा लिया। अनिल कुमार ने क्षय रोग के लक्षण, जांच व उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति में टीबी के लक्षण जैसे दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बलगम में खून आना, वजन कम होना, भूख न लगना रात को सोते समय पसीना आना व लगातार बुखार हो तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में बलगम की जांच करवानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि बीमारी का पता चलने पर तुरंत इलाज सरकारी अस्पताल में शुरू करवाना चाहिए। टीबी का इलाज छह महीने का होता है। मरीज के उपचार में करीब छह माह का समय लगता है उसके बाद मरीज स्वस्थ हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत पूरा इलाज लेने पर सरकार छह हजार रुपये देतीहै। उन्होंने कहा आप अपने कार्य क्षेत्र से टीबी के मरीज को निक्षय मित्र बनकर गोद ले सकते हैं। इस दौरान खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी, सरपंच, पंच कार्यक्रम में मौजूद रहें।