कैथल। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक एसी खराब होने के मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता के 54 हजार रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं। एसी की 44 हजार रुपये की राशि वापस करने, पांच हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च देने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही उपभोक्ता को पुराना एसी कंपनी को लौटाना होगा। आदेश का 45 दिनों में पालन न करने पर कंपनी को सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। आरकेए पुरम कॉलोनी निवासी दर्शन ने आयोग में दी शिकायत में बताया था कि 25 अप्रैल 2025 को 44 हजार रुपये में एक कंपनी का एसी खरीदा था। वह एसी खरीदने के अगले ही दिन खराब हो गया। उन्होंने विक्रेता और कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र में कई बार शिकायत दर्ज कराई लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आयोग के समक्ष व्हाट्सएप चैट, शिकायत नंबर, कानूनी नोटिस और अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए।
आयोग ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि शिकायतकर्ता ने लगातार कंपनी को अपनी समस्या से अवगत कराया लेकिन न तो एसी की मरम्मत की गई और न ही उसे बदला गया। सुनवाई के दौरान विक्रेता आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ, जबकि कंपनी की ओर से भी कोई लिखित जवाब दाखिल नहीं किया गया। आयोग की अध्यक्ष नीलम कश्यप और सदस्य सुनील मोहन त्रिखा और हरिशा मेहता ने अपने आदेश में कहा कि एक वर्ष की वारंटी वाले एसी का खरीद के एक दिन बाद ही खराब हो जाना गंभीर मामला है।